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ओबामा के बयान पर मोइली भड़के

ओबामा के बयान पर मोइली भड़के

नई दिल्ली. 16 जुलाई 2012

बराक ओबामा


अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बयान पर पलटवार करते हुये केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा है कि भारत के बारे में बराक ओबामा को गलत जानकारी दी गई है और कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां भारत में निवेश की खराब स्थिति के बारे में अफवाहें फैला रही हैं.

गौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि अमरीकी निवेशकों की राय है कि भारत में निवेश करना अब भी बड़ा कठिन काम है. भारत ने खुदरा कारोबार जैसे अनेक क्षेत्रों में विदेशी निवेश पर प्रतिबंध लगा रखा है या उनमें विदेशी निवेश वर्जित है. जबकि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए इस तरह का निवेश जरूरी है. यह निवेश ही भारत को आर्थिक वृद्धि की राह पर बनाए रखेगा.

ओबामा के इस बयान के बाद केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि बराक ओबामा को गलत जानकारी दी गई है. उन्होंने कहा कि वोडाफोन जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां इस प्रकार की बातें फैला रही हैं और ओबामा को उन चीजों को उचित जानकारी नहीं दी गयी है, जो यहां हो रही हैं, खासकर जब भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत हैं. मोइली ने कहा कि भारत में गिरते निवेश माहौल की अवधारणा आर्थिक मापदंड पर आधारित नहीं होकर कुछ व्यक्तियों, उद्यमियों और निवेशकों की कुछ खास धारणा पर आधारित है.

इससे पहले भाजपा नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा था कि अगर ओबामा खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश चाहते हैं और भारत का ऐसा इरादा नहीं हैं तो ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि वो चाहते हैं.भाजपा के ही मुख्तार अब्बास नकवी ने अमरीकी राष्ट्रपति के बयान को हास्यास्पद करार देते हुये कहा था कि जो अमरीका अपने यहां आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा हो, वो दूसरे देशों के प्रमाण पत्र दे, ये अपने आप में एक हास्यस्पद बात है. हमें खुद अपने राष्ट्रीय हितों को सुनिश्चित करना है.

मार्क्सवादी पार्टी ने भी बराक ओबामा के बयान पर निशाना साधा. पार्टी के नेता नीलोत्पल बसु ने कहा कि बराक ओबामा हमारी अर्थव्यवस्था और बाजार को अपनी शर्तों पर खोलना चाहते हैं. इसीलिए इस तरह का दबाव बना रहे हैं.


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