पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >उत्तराखंड Print | Share This  

बालकृष्ण अभी जेल की रोटी तोड़ेंगे

बालकृष्ण अभी जेल की रोटी तोड़ेंगे

देहरादून. 21 जुलाई 2012

आचार्य बालकृष्ण


बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण अभी जेल की ही रोटी तोड़ेंगे. देहरादून की सीबीआई अदालत ने आचार्य बालकृष्ण की जमानत याचिका खारिज कर दी. उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. बालकृष्ण पर आरोप है कि उन्होंने अपने पासपोर्ट के लिये गलत जानकारी दी.

इधर देहरादून पहुंचे बाबा रामदेव और उनके समर्थकों को पुलिस ने शहर में घुसने से रोक दिया. पुलिस ने शांति व्यवस्था का हवाला दे कर उन्हें रोका. इस घटना को लेकर बाबा रामदेव के समर्थकों में गहरा आक्रोश था.

मीडिया से बातचीत करते हुये बाबा रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण ने क्या डकैती की है, या वो आतंकवादी हैं. झूठे मुकदमें दर्ज करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. केंद्र सरकार हमें दबाने की कोशिश कर रही है. हमारा आंदोलन दबने वाला नहीं है. इससे हमारा आंदोलन और तेज होगा.

बालकृष्ण के मामले में उपरी अदालत का दरवाजा खटखटाने का इशारा करते हुये बाबा रामदेव ने कहा कि हमें न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है. बालकृष्ण को सताया जा रहा है, अभी तक उनके नागरिकता को सीबीआई झुठला नहीं सकी है. लेकिन चार्जशीट दाखिल कर दी.

बाबा रामदेव ने कहा कि जिन लोगों ने लाखों रुपये के घोटाले किए हैं, उसे सीबीआई छोड़ दे रही है और संत को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि 9 अगस्त को होने वाले आंदोलन को कमज़ोर करने की ये साजिश है. लेकिन आंदोलन होकर रहेगा. उन्होंने कहा कि देश की जनता इस सरकार के खिलाफ है और जनता इस भ्रष्ट सरकार का विरोध करने के लिये लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरेगी.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

kuldeep sehdev [] ludhiana - 2012-07-21 15:15:52

 
  ऐसा कहना कि देश क़ानून से चलता है और हमारी न्यायपालिका स्वतंत्र है,सिर्फ़ एक फरेब है,धोखा है. आखिर ये तथाकथित न्यायधीश भी तो इसी भ्रष्ट तंत्र का एक हिस्सा हैं जिसे बेईमान नेताओं,भ्रष्ट पूँजीपतियों,घूसखोर नौकरशाहों और दलाल किस्म के बेहया,बेशर्म और गद्दार मीडिया ने एक बहुत ही मज़बूत गिरोह बनाकर देश को लूटने का हथियार बना लिया है. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in