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कैप्टन लक्ष्मी सहगल का निधन

कैप्टन लक्ष्मी सहगल का निधन

इलाहाबाद. 23 जुलाई 2012

लक्ष्मी सहगल


आजाद हिंद फौज की कैप्टन लक्ष्मी सहगल का सोमवार को निधन हो गया. 97 साल की लक्ष्मी सहगल पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं. पिछले सप्ताह उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली.

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली लक्ष्मी सहगल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी में रानी झांसी रेजीमेंट की कमान संभाली थी. पेशे से डॉक्टर लक्ष्मी सहगल एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी सक्रिय रहीं. लक्ष्मी सहगल वर्ष 2002 के राष्ट्रपति चुनावों में वाम-मोर्चे की उम्मीदवार थीं, लेकिन एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें हरा दिया था.

उनका पूरा नाम लक्ष्मी स्वामीनाथन सहगल था. उनका जन्म वर्ष 1912 में एक तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उन्होंने मेडिकल डिग्री हासिल करने के बाद सिंगापुर में गरीबों के लिए वर्ष 1940 में एक क्लीनिक की स्थापना की थी. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अटूट अनुयायी के तौर पर वे इंडियन नेशनल आर्मी में शामिल हुईं थीं.


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