पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति बने

प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति बने

नई दिल्ली. 25 जुलाई 2012

प्रणव मुखर्जी


प्रणब मुखर्जी देश के नए राष्ट्रपति बन गए हैं. संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य न्यायाधीश एसएच कपाड़िया ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के बाद प्रणब मुखर्जी को देश के नए राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करते ही 21 तोपों की सलामी दी गई.

संसद भवन जाने से पहले उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. मर्सिडीज बेंज एस 600 में सवार प्रणब सबसे पहले ‘राजघाट’ पहुंचे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने ‘वीर भूमि’ पर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी.

काली शेरवानी और सफेद चूड़ीदार पजामा पहने प्रणब ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की समाधि ‘शक्ति स्थल’ और लाल बहादुर शास्त्री के समाधि स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. शहरी विकास मंत्री कमलनाथ भी प्रणब के साथ मौजूद थे. इस मौके पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद थे.

शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत निवर्तमान राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और नए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संसद पहुंचने के साथ शुरू हुई. इसके बाद एक जुलूस की शक्ल में उन्हें सेंट्रल हॉल तक लाया गया.

शपथ ग्रहण के बाद भारत के विकास में ग़रीबों की हिस्सेदारी की वकालत करते हुए प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण में कहा कि हमें उनका उत्थान करना होगा जो सबसे ग़रीब हैं जिससे आधुनिक भारत के शब्दकोश से ग़रीबी शब्द मिट जाए. उन्होंने कहा कि भारत का विकास वास्तविक लगे, इसके लिए ज़रूरी है कि ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति को यह महसूस हो कि वो उभरते भारत की कहानी का एक हिस्सा है.

दुनिया भर में चरमपंथ के बढ़ते प्रभाव का ज़िक्र करते हुए प्रणब ने कहा कि अभी युद्ध का युग समाप्त नहीं हुआ है और चौथा युद्ध जारी है.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि तीसरा विश्व युद्ध शीत युद्ध था. आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई चौथा विश्व युद्ध है. और यह विश्व युद्ध इसलिए है क्योंकि यह अपना शैतानी सिर दुनिया में कहीं भी उठा सकता है. उन्होंने कहा कि हमें इतिहास से सीखना चाहिए लेकिन हमारा ध्यान भविष्य पर केंद्रित होना चाहिए. सर्व शिक्षा पर ज़ोर देते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि शिक्षा ही वो मंत्र है जिसके ज़रिए भारत में अगला स्वर्ण युग लाया जा सकता है.

शपथ ग्रहण समारोह के खत्म होने के बाद वह प्रतिभा पाटिल को उनके तुगलक लेन स्थित अस्थायी निवास तक छोड़ने जाएंगे. पुणे में बन रहे अपने बंगले का काम पूरा होने तक प्रतिभा पाटिल तुगलक लेन स्थित घर में ही रहेंगी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in