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कलमाड़ी जैसे धूर्त पर ओलंपिक में रोक जायज

कलमाड़ी जैसे धूर्त पर ओलंपिक में रोक जायज

नई दिल्ली. 25 जुलाई 2012

सुरेश कलमाड़ी


विश्व प्रसिद्ध धावक मिल्खा सिंह ने कहा है कि सुरेश कलमाड़ी जैसे धूर्त को ओलंपिक में जाने नहीं देना चाहिये. यह देश के लिये शर्मिंदगी की बात है. उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि उच्च न्यायालय ने उनके जाने पर रोक लगा दी है.

गौरतलब है कि देश के पूर्व खेलमंत्री सुरेश कलमाडी को दिल्ली हाई कोर्ट ने लंदन ओलपिंक 2012 में भाग लेने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि वो 27 जुलाई तक देश से बाहर नहीं जा सकते. दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एके सिकरी और राजीव सहाय इंडलॉ ने अपने आदेश में कहा है कि अगर वो ओलपिंक खेल में हिस्सा लेते हैं तो इससे देश 'असहज' महसूस करेगा.

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि हमने राष्ट्र हित के आधार पर इस मामले को देखा और हमने निर्णय किया कि उन्हें ओलपिंक खेल के उद्धाटन समारोह में हिस्सा नहीं लेना चाहिए. ओलपिंक खेल में उनके हिस्सा लेने से देश को असहजता का एहसास होगा. अदालत ने साफ कहा कि राष्ट्र हित हमारे लिए सबसे अहम है.

अदालत के इस निर्णय को लेकर सुप्रसिद्ध धावक मिल्खा सिंह ने कहा कि अदालत का फैसला स्वागत योग्य है. उन्होंने कहा कि उसके जैसे धूर्त को ओलंपिक में जाने नहीं देना चाहिये. यह देश के लिये शर्मिंदगी की बात है.


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