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मायावती की मूर्ति तोड़ने वाले मुलायम के खास

मायावती की मूर्ति तोड़ने वाले मुलायम के खास

लखनऊ. 26 जुलाई 2012

मायावती


उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की मूर्ति तोड़ने वालों के मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मेलजोल की खबरों के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है. बसपा सुप्रीमो और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की मूर्ति तोड़ने के मुख्य आरोपी और प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्युक्ष अमित जानी समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव और सपा के दूसरे नेताओं आजम खान समेत राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ कई मंचों पर देखा गया है.

गौरतलब है कि लखनऊ के गोमतीनगर स्थित पार्क में कुछ बाइक सवार युवक गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पहुंचे. वे अंबेडकर पार्क की देखरेख के लिए तैनात विशेष वाहिनी के कार्यकर्ताओं को छकाते हुए मूर्ति के पास पहुंच गए और उन्होंने हथौड़े से मायावती की सफेद संगमरमर की मूर्ति पर वार कर उसके सिर को गिरा दिया और मूर्ति के हाथों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. ये सभी लोग फोटोग्राफर बन कर यहां घुसे थे.

इधर इस घटना के सामने आते ही राजधानी में सनसनी फैल गई. इस घटना से पहले नवनिर्माण सेना के नेता अमित जानी ने प्रेस क्लब में प्रेस कॉफ्रेंस करके आरोप लगाया था कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मायावती की मूर्तियों को हटाने का अपना चुनावी वादा ठीक उसी तरह भूल गए हैं जिस तरह से भाजपा सत्ता में आने के बाद राम-मंदिर बनाने के अपने वादे को भूल गई थी. इसलिए अब ये काम नव-निर्माण सेना के कार्यकर्ता पूरा करेंगे. ऐसे में यह तय हो गया कि मायावती की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने का काम करने वाले नवनिर्माण सेना से जुड़े हुये लोग हैं.

बाद में उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष कासिम चौधरी ने कहा कि उनका संगठन जीवित लोगों की मूर्तियां लगाए जाने के विरोध में है और इसीलिए मायावती की मूर्ति तोड़ी गई है. उन्होंने माना कि इस घटना में उनके अलावा अंकित, आलोक मिश्रा और अर्पित शामिल थे.

इस घटना से नाराज बसपा नेता स्वा मी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर मूर्ति ठीक नहीं की जाती है तो समझा जाएगा कि उपद्रवियों को सपा सरकार का समर्थन है. इसके बाद बसपा कोई ठोस रणनीति बनाएगी.

हालांकि राज्य के मुख्यामंत्री अखिलेश यादव ने घटना की निंदा करते हुए मूर्ति तत्काल ठीक कराने के आदेश दिए हैं. उन्होंने इस घटना को प्रदेश के सौहार्दपूर्ण माहौल को दूषित करने का सुनियोजित प्रयास बताया है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

prabhakar [rakesh1936@gmail.com] agra - 2012-07-26 17:09:11

 
  जीवित तो हनुमान को भी माना जाता है, तो उनकी मूर्तियों का नम्बर कब आने वाला है। अमिताभ बच्चन की भी मूर्ति यू.पी. में कुछेक जगह लगी हुई हैं। तो हे वीरो! उनका भी नम्बर लगाओ और अगर गुजरात नहीं जा सके तो कम से कम असम तो चले ही जाओ। 
   
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