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ब्रेस्ट कैसर का इलाज अब आसान

ब्रेस्ट कैसर का इलाज अब आसान

वॉशिंगटन. 26 जुलाई 2012

सुरेश कलमाड़ी


वैज्ञानिकों ने ब्रेस्ट कैंसर के लिये जिम्मेवार जीन को खोज निकालने का दावा किया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया भर की महिलाओं में तेज़ी से फैलते ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है.

गौरतलब है कि दुनिया में कैंसर के 22 फीसदी मामले ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े हुये हैं और अमरीका जैसे देश में इस साल ब्रेस्ट कैंसर के 2 लाख 26 हजार से भी अधिक नये मामले सामने आये हैं. इस दौरान लगभग 40 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत हुई है. भारत में कैंसर से मरने वालों की संख्या साढ़े पांच लाख के करीब है, जिसमें 20 फीसदी से अधिक मामले ब्रेस्ट कैंसर के हैं.

अब मिशिगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि ब्रेस्ट कैंसर जिस जीन से फैलता है, उसका उन्होंने पता लगा लिया है. शोधकर्ता वैज्ञानिकों के अनुसार आरएचओसी नामक यह जीन तेजी से फैलता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह जीन शरीर के एक भाग से दूसरे भाग और यहां तक कि हड्डियों में भी तेजी से फैलता है. अब शुरुआती दौर में ही इस जीन को फैलने से रोका जा सकेगा. फिलहाल शोधकर्ता वैज्ञानिक मॉलिक्यूल ड्रग का अध्ययन करने में जुटे हैं, जो आरएचओसी जीन को रोक सके.

शोधकर्ता वैज्ञानिकों का मानना है कि इस जीन की तलाश के बाद इसका इलाज सरल हो जाएगा. इससे ऐसे मरीजों का भी इलाज हो सकेगा, जिन्हें कीमोथेरेपी के बाद भी कोई लाभ नहीं हो पाता था क्योंकि ट्यूमर फैलाने वाले कैंसर सेल्स इससे खत्म नहीं हो पाते थे.


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