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हिंसा हुई तो अन्ना खत्म करेंगे आंदोलन

हिंसा हुई तो अन्ना खत्म करेंगे आंदोलन

नई दिल्ली. 31 जुलाई 2012

अन्ना हजारे


अन्ना हजारे ने कहा है कि अगर उनके आंदोलन में शामिल लोगों ने हिंसा का साथ लिया तो वे आंदोलन खत्म कर देंगे. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक है और अनशन में शामिल लोगों को हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिये.

इधर पिछले सात दिनों से अनशन पर बैठे टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल और गोपाल राय की तबीयत बिगड़ गई है. डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव दिया है. लेकिन अरविंद और गोपाल राय ने अनशन तोड़ने से मना कर दिया है. वहीं केंद्र सरकार टीम अन्ना से बात करने के मूड में नहीं दिख रही है. मंगलवार को अनशन का सातवां दिन है लेकिन अभी तक सरकार की ओर से बातचीत की कोई पहल नहीं की गई है.

दूसरी ओर, अन्ना हजारे ने मीडिया के लोगों के साथ समर्थकों द्वारा हुई बदसलूकी के लिए माफी मांगी और कहा कि मीडिया और कार्यकर्ताओं को मिलकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए काम करना होगा. अन्ना ने कहा कि यदि ऐसी घटना दोबारा हुई तो वह आंदोलन समाप्त कर देंगे. अन्ना हजारे ने समर्थकों को चेताते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है. इसमें हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है.

अन्ना हजारे ने कहा कि किसी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए. यहां तक कि शब्दों में भी नहीं. अगर आपने हिंसा की तो सरकार दो दिन में आंदोलन को तोड़ देगी. उनके पास ताकत है.

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने माफी मांगते हुए कहा कि अब यह न्यूज चैनलों के मालिकों को सोचना चाहिए कि वह किसके साथ हैं. हम मीडिया के साथ हुई बदसलूकी के लिए माफी मांगते हैं.

गौरतलब है कि टीम के सदस्य शांति भूषण ने सोमवार की रात कहा था कि मीडिया के जो लोग यहां हैं, वह तो सब सच्चाई जानते हैं. इनका कोई कसूर नहीं है. मालिकों के हाथ में सब कुछ है. वह जानबूझ कर सच्चाई नहीं दिखा रहे हैं. भूषण के बयान और बदसलूकी पर संपादकों की संस्था ब्रॉडकॉस्ट एडिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कड़ी आपत्ति जताते हुए टीम अन्ना से माफी मांगने को कहा था.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

manish [manishsachwani@yahoo.com] indore/spain - 2012-07-31 14:39:48

 
  अगर अन्ना जी अनशन तोड़ने की बात करते हैं तो विरोधियों और भ्रष्टाचारियों के हौसले और बुलंद हो जाएंगे और सरकार भी ऐसी कोई चाल चल सकती है ताकि अन्ना जी अनशन समाप्त कर दें और हर बार अनशन की समाप्ति से जनता और समर्थकों के भरोसे को बहुत आघात पहुँचता है. इसीलिए अपने भाषणों में भी इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए जिससे अनशनकारियों के हौसलों को ठेस पहुँचे. 
   
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