पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों महंगा है इलाज

काश, काटजू कम बोलते!

मलेशिया में बदलाव का मतलब

कितना दोषपूर्ण अपना लोकतंत्र?

बेशर्म भ्रष्टाचार के भ्रम

आइये लाइक करें ऊर्फ मुद्दा गायब

अफजल गुरु की याद में

धर्म की दीवार में औरतें

कॉरपोरेट का होमसाइंस

पेंशन बिल यानी कामगारों की तबाही

हिन्दू फांसी

मीडिया में अफजल के बहाने

बलि का या निर्बली का बकरा?

काश, काटजू कम बोलते!

मलेशिया में बदलाव का मतलब

एफडीआई: संघर्ष अभी बाकी है

नदियों को जोड़ने की नादानी

धोखे का आधार

जनाक्रोश का अश्वमेधी घोड़ा

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

6 लोगों को मारने वाले संजीव नंदा को राहत

6 लोगों को मारने वाले संजीव नंदा को राहत

नई दिल्ली. 3 अगस्त 2012

संजीव नंदा


1999 के बहुचर्चित बीएमडब्लू हिट एंड रन केस में सुप्रीम कोर्ट से आरोपी संजीव नंदा को राहत मिल गई है. संजीव नंदा ने अपनी महंगी कार से तीन पुलिसवालों समेत 6 लोगों को कुचल कर मार डाला था. धनपति संजीव नंदा के मामले में फैसला सुनाते हुये सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नंदा को मुआवजा के रुप में 50 लाख रुपये देने होंगे.

इस मामले में संजीव नंदा को दिल्ली हाईकोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी. पुलिस का तर्क था कि इस सजा को कम से कम पांच साल होना चाहिये. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के तर्क को स्वीकार नहीं किया. 2008 में दिल्ली की निचली अदालत ने संजीव नंदा को 5 साल की सजा सुनाई. हालांकि जिस धारा के तहत संजीव नंदा को सजा सुनाई गई उसमें 10 साल की कैद हो सकती था लेकिन एक साल बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने संजीव नंदा की सजा 5 से घटा कर 2 साल कर दिया. उस वक्त संजीव नंदा जेल में था और उसने एक साल 9 महीने तक की सजा काट ली थी.

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में उसके 3 महीने की सजा माफ कर दी. कोर्ट ने संजीव नंदा को आईपीसी की धारा 304 (2) के तहत दोषी माना, जबकि निचली अदालत ने उसे धारा 304 (1) के तहत दोषी पाया था. इसके बाद मामला उच्चतम न्यायालय में पहुंचा.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

h.k. [] new delhi - 2012-08-04 07:45:54

 
  इस देश में पैसा और पावर से सब कुछ मुमकिन है. चाहे कोई किसी चपरासी की खरीद की बात हो या सुप्रीमकोर्ट के जज को खरीदने की बात हो सब कुछ मुमकिन है. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in