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अन्ना उतरेंगे राजनीति की युद्धभूमि में

अन्ना उतरेंगे राजनीति की युद्धभूमि में

नई दिल्ली. 3 अगस्त 2012

अन्ना हजारे


अन्ना हजारे और उनकी टीम ने 10 दिनों से चला आ रहा अपना अनशन आज खत्म कर दिया. शुक्रवार की शाम को जंतर-मंतर पर टीम अन्ना ने राजनीतिक दल बना कर अपनी लड़ाई को संपूर्ण क्रांति तक ले जाने का आह्वान किया. देश के पूर्व सेना अध्यक्ष वी के सिंह ने अन्ना हजारे, अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय और मनीष सिसौदिया नारियल पानी पिला कर अनशन समाप्त करवाया.

इस अवसर पर जारी बयान में टीम अन्ना ने कहा कि अब टीम अन्ना राजनीति की युद्धभूमि में उतरने के लिए तैयार हैं. अब टीम अन्ना सरकार से मुकाबले के लिए लड़ाई के मैदान में उतरने को तैयार है. अन्ना ने कहा है कि वह अपने विचारों में किसी तरह का परिवर्तन नहीं लाएंगे. जो भी राजनीतिक विकल्प सामने आएगा, वह भ्रष्टाचार पर समझौता नहीं करेगा.

अन्ना हजारे और उनकी टीम का कहना था कि राजनीतिक दल यह कहते आए हैं कि अन्ना और उनके समर्थक चुनाव नहीं जीत सकते, इसलिए राजनीतिक विकल्प की बात करना जरूरी है. टीम अन्ना ने राजनीतिक दलों से मुकाबले के लिए राजनीतिक युद्धभूमि में उतरने का बिगुल फूंक दिया है. अब लोगों को फैसला करना है कि क्या भ्रष्ट व्यवस्था उनका शोषण करती रहेगी अथवा वह सही विकल्प का समर्थन करेंगे.

किरण बेदी ने कहा कि अन्ना का आह्वान यही है कि वह अच्छे और चरित्रवान लोगों की पहचान करेंगे ताकि वह राजनीति में आ सकें. प्रशांत भूषण ने कहा कि वह इस कदम को अनिच्छा से उठा रहे हैं, पर लोग हमेशा से ही यही कहते आए हैं कि वह राजनीतिक विकल्प क्यों नहीं पेश करते. पिछले 10 दिन से अनशन पर बैठे मनीष सिसौदिया ने कहा कि अब गेंद लोगों के पाले में है कि किस तरह इस लड़ाई को संसद तक ले जाया जाए. मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह पार्टी बनाने से संभव हो पाएगा या लोगों की मदद से होगा अथवा कोई अन्य रास्ता उभर कर आएगा.

इधर टीम अन्ना की सदस्य रही मेधा पाटकर ने कहा है कि चुनावी राजनीति में आने से पहले किसी को भी सौ बार सोचना चाहिए. अगर वह राजनीति में उतरते हैं तो आंदोलन की गति धीमी नहीं पडऩी चाहिए. जब अच्छे इरादों के साथ लोग राजनीति में उतरते हैं तो वह या तो ज्यादा नहीं टिक पाते या ज्यादा हासिल नहीं कर पाते.


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