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सवा अरब का भारत और 2 पदक का राज

सवा अरब का भारत और 2 पदक का राज

नई दिल्ली. 4 अगस्त 2012

ओलंपिक


अमरीका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में कैलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की मेगन बुसे ने जो मॉडल तैयार किया है उसके अनुसार बड़ी आबादी होने के बावजूद ब्राजील और भारत जैसे देशों के पिछड़ने का सबसे बड़ा कारण सकल घरेलू उत्पाद में प्रति व्यक्ति आय का कम होना है. उनका कहना है कि किसी भी देश के लिए संपन्न होना बेहद जरूरी है क्योंकि धनी देश सिर्फ बेहतर खेल सुविधाएं और इसके लिए जरूरी ढांचागत तंत्र ही मुहैया नहीं करवा सकते बल्कि इन देशों के परिवार भी अपने बच्चों को अच्छी ट्रेनिंग देने के लिए खर्च कर सकते हैं.

बीबीसी के अनुसार अमरीका के कोलाराडो कॉलेज के इकॉनामिक्स प्रोफेसर डॉन जॉनसन का मानना है कि भारत में क्रिकेट जैसे गैर ओलंपिक खेल को ज्यादा अपना रखा है. यह भी उसके पिछड़ने की एक बड़ी वजह है. जानकारों का कहना है कि कई देश पारंपरिक रूप से ऐसे खेल खेलते हैं जो ओलंपिक खेलों का हिस्सा हैं, इसलिए वे बेहतर प्रदर्शन भी करते हैं.

जाहिर है कि इस कारण उन्हें कुछ खेलों में पदक भी मिलते हैं. कोरिया इसका सबसे बेहतर उदहारण है. ताइक्वांडो उसका परंपरागत खेल है. पुरूष और महिलाओं के विभिन्न भार वर्ग में इस स्पर्धा में कई ओलंपिक पदक हैं. इसलिए उसके पास इसमें ज्यादा पदक जीतना आसान है.

जॉनसन ने कहा, “कोरिया ताइक्वांडो जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का पूरा बेड़ा उतार कर सैंकड़ों पदक जीत सकता है. लेकिन भारत की क्रिकेट को लेकर दीवानगी उसे ऐसे पदक जीतने का मौका नहीं देती.” हालांकि दूसरी ओर चीन और अमरीका जैसे देश भी हैं जो अपने सकल घरेलू उत्पाद की तुलना ओलंपिक में कहीं बेहतर कर रहे हैं.

इस बारे में बुसे ने कहा, “इसका कारण अमरीकियों का खेलों को लेकर इच्छुक होना है जबकि चीन बहुत ही छोटी उम्र में अपने खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए खेल संस्थानों में भेजता है.”

आस्ट्रेलिया में भी खेलों के लेकर काफी दीवानगी है. खासकर तैराकी को लेकर. हालांकि 2008 के बीजिंग ओलंपिक में आस्ट्रेलिया ने तैराकी में 46 मेडल जीते थे जबकि बुसे ने 25 का ही अनुमान लगाया था. बुसे के मॉडल के अनुसार 2012 के ओलंपिक में अमरीका को 51 पदक मिलना चाहिए जबकि चीन, जापान और जर्मनी को उसके पीछे रहना चाहिए.

इसके अनुसार 32 मेडल के साथ ब्रिटेन को 8वें स्थान पर रहना चाहिए जबकि 62 देशों को कम से कम एक गोल्ड मेडल मिलना चाहिए. उनके आकलन के अनुसार 143 देशों के हाथ एक भी पदक नहीं लगना चाहिए. हालांकि जॉनसन ने अमरीका को 99 पदक दिए हैं लेकिन भारत उनकी सूची के पहले दस देशों की सूची में नहीं है.


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