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बाबा रामदेव की लीला शुरु

बाबा रामदेव की लीला शुरु

नई दिल्ली. 9 अगस्त 2012

बाबा रामदेव


बाबा रामदेव ने गुरुवार से दिल्ली के रामलीला मैदान में अपना शुरु कर दिया. काला धन वापस लाने, मजबूत लोकपाल बिल बनाने, सीबीआई को स्वतंत्र रखने, निर्वाचन आयोग, कैग, सीवीसी और सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग के साथ शुरु हुये इस अनशन के अवसर में बाबा रामदेव ने साफ किया कि उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है.

बाबा रामदेव ने रामलीला मैदान में उमड़े विशाल जन समूह को संबोधित करते हुये कहा कि वह किसी राजनीतिक अजेंडे के तहत दिल्ली नहीं आए हैं और न ही उनका इरादा सत्ता में बैठे लोगों को हटाने या उनकी जगह किसी और को बिठाने का है. उन्होंने कहा कि हम किसी को बदनाम करने नहीं आए, बल्कि हिन्दुस्तान को बनाने आए हैं. सरकार की तरफ से हरीश रावत और पवन बंसल का बयान आया है कि उनके दरवाजे हमसे बातचीत के लिए खुले हैं और हम भी उन्हें बताना चाहते हैं कि हमारे दरवाजे भी बातचीत के लिए खुले हैं.

अन्ना हजारे की लोकपाल की लड़ाई को लेकर उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार एक कड़ा लोकपाल जल्द से जल्द पेश करेगी. लोकपाल की लड़ाई खत्म नहीं हुई है और वक्त आ गया है कि इसे पारित किया जाए. बाबा रामदेव ने 'मजबूर' लोकपाल नहीं, 'मजबूत' लोकपाल बनाने का मांग सरकार से की. उन्होंने कहा कि मैं आज भी अन्ना हजारे के साथ हूं लेकिन मैं टीम अन्ना पर कोई टिप्पणी करके विवाद पैदा नहीं करुंगा.

बाबा रामदेव ने कांग्रेसी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की तारीफ में भी कसीदे काढ़े. उन्होंने कहा कि वह ऐसा कांग्रेस को खुश करने के लिए नहीं कर रहे हैं. नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किए जाने पर पैदा हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि वह मोदी के बुलाने पर नहीं गए थे, बल्कि जैन गुरु के बुलावे पर वहां गए थे. उन्होंने कहा कि गुजरात गांधी और पटेल जैसे महापुरुषों की जन्मभूमि है, जो उनके आदर्श हैं.

बाबा रामदेव ने साफ कहा कि हमारी किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. और अगर सरकार ने हमारी मांगे मान ली तो हम सारा श्रेय उसे देंगे और वापस चले जाएंगे.


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