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अन्ना हजारे राजनीति के खिलाफ थे

अन्ना हजारे राजनीति के खिलाफ थे

नई दिल्ली. 11 अगस्त 2012

अन्ना हजारे


अन्ना हजारे किसी भी हाल में राजनीतिक दल बनाने के पक्ष में नहीं थे लेकिन उनकी टीम से जुड़े लोगों ने उन पर दबाव बनाया और राजनीतिक दल बनाने की घोषणा कर दी. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि अन्ना हजारे पूरी तरह से इसके खिलाफ थे. यहां तक कि उन्होंने पार्टी बनाने के विरोध में जंतर-मंतर पर टीम के सदस्यों के बीच महात्मा गांधी के 1940 में दिए गए भाषण की प्रतियां बंटवाई थीं, महात्मा गांधी के इस भाषण का शीर्षक था- आप अभी तैयार नहीं हैं. अन्ना हजारे अपनी टीम को यह जताना चाहते थे कि अभी उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वे राजनीतिक दल बना सकें और उसे चला सकें.

अखबार का कहना है कि राजनीतिक दल बनाने के सवाल पर अन्ना हजारे ने टीम से कई तीखे सवाल पूछे थे. उनके सवाल थे, फंड कहां से लाओगे? पार्टी के कामकाज के लिए कैसे जुटेगा फंड? यह कैसे तय होगा कि कौन चुनाव लड़ेगा?

नवभारत टाइम्स के अनुसार इंडिया अगेंस्ट करप्शन की सदस्य सुनीता गोदरा का कहना था कि प्रदर्शन को लेकर सरकार के उदासीन रवैये से अन्ना यह तो मानते थे कि राजनीतिक विकल्प की जरूरत आन पड़ी है, लेकिन वह टीम के नई पार्टी बनाने के पक्ष में कतई नहीं थे. सुनीता के अनुसार अन्ना हजारे चाहते थे कि पार्टी की घोषणा से पहले कार्यकर्ता गांव-गांव, शहर-शहर जाकर लोगों से मिलें और उनके मुद्दों पर बात करें. आम जनता की नब्ज पहचानें और हर शहर व गांव में अपना कैडर बनाएं. इसके बाद ही इतनी बड़ी घोषणा करें.