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रामदेव के मंच पर इसलिये नहीं गये अन्ना

रामदेव के मंच पर इसलिये नहीं गये अन्ना

नई दिल्ली. 13 अगस्त 2012

बाबा रामदेव


बाबा रामदेव के अनशन को भाजपा अध्यक्ष नीतिन गडकरी और जदयू अध्यक्ष शरद यादव की उपस्थिति के बाद राजनीतिक गलियारे में आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गये हैं. इधर अन्ना हजारे की नाक के बाल अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि भाजपा से बाबा रामदेव के संबंधों की जानकारी उन्हें पहले से थी. अन्ना हजारे भी रामदेव की राजनीतिक मंशा जान चुके थे, इसलिए वो रामलीला मैदान नहीं आए. दूसरी ओर राजद सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि एक बार शरद यादव अन्ना हजारे के मंच पर भी गए थे, लेकिन वहां से भगा दिया गया. अब वह रामदेव के मंच पर गए हैं. ये मनचले लोग हैं.

सोमवार को बाबा रामदेव की गिरफ्तारी और रिहाई से पहले एनडीए के घटक दलों की रामलीला मैदान के मंच पर उपस्थित होने को लेकर तरह-तरह के आरोप लगने लगे हैं. कांग्रेस प्रवक्ता जर्नादन द्विवेद्वी ने कहा कि राजनीति में मुखौटों की चर्चा बहुत हुआ करती थी. आज देश ने देख लिया कि मुखौटे किस तरह उतर गए और असली चेहरे सामने आ गए. टीम अन्ना पर निशाना साधते हुये उन्होंने कहा कि यह किस तरह की लड़ाई है और किसकी लड़ाई है, सब सामने आ गया है. जिन्होंने पहले राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया था, उन्होंने अपनी निजी बैठक में यह कहा है कि वो गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ेंगे. बाकी जगह चुनाव लड़ेंगे, कांग्रेस का विरोध करेंगे. भाजपा और एनडीए के संयोजक वहां जाएंगे और वैसे कहेंगे कि उनका कोई राजनीतिक मकसद नहीं है.

जर्नादन द्विवेद्वी ने कहा कि यहां पर मुद्दा यह नहीं है कि देश का कालाधन वापस आए. मुद्दा यह हो गया है कि देश के अंदर जिनका कालाधन है, उसे कैसे छुपाया जाए? जहां तक काले धन का सवाल है, तो इस पर श्वेत पत्र आ चुका है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

इधर समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सपा काला धन के खिलाफ है. काला धन वापस आना चाहिए. यह मुद्दा खुद हमारा भी मुद्दा है. यदि काला धन देश में वापस आएगा तो देश के लोगों का भला होगा. दूसरी ओर बसपा सुप्रीमो और उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी शुरू से भ्रष्टाचार के खिलाफ रही है. विदेशी बैंकों में जमा काला धन आएगा तो देश में गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का भला हो सकेगा. इसके लिए सभी पार्टियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रयास करना चाहिए.


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