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विलासराव देशमुख का निधन

विलासराव देशमुख का निधन

चेन्नई. 14 अगस्त 2012

विलासराव देशमुख


महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री रहे और केंद्रीय मंत्रीमंडल के सदस्य विलासराव देशमुख का मंगलवार को चेन्नई के एक अस्पताल में निधन हो गया. किडनी और लिवर फेल होने की वजह से पिछले एक सप्ताह से चेन्नै के अस्पताल में भर्ती केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री विलासराव देशमुख का अंतिम संस्कार उनके गृहनगर लातूर में बुधवार शाम किया जाएगा. 67 वर्षीय देशमुख करीब 8 साल तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी रहे थे. इससे पहले आज सुबह जिस शख्स की किडनी और लिवर देशमुख को ट्रांसप्लांट होने वाली थी, उसकी भी मंगलवार सुबह मौत हो गई थी.

विलासराव देशमुख राज्यसभा में महाराष्ट्र से चुनकर आए थे. विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के लातूर ज़िले से थे. उन्होंने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत अपने गांव के प्रधान का चुनाव जीतकर की थी.

कांग्रेस के कद्दावर मराठा नेता विलासराव देशमुख 1999 में पहली बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने लेकिन 2003 में उन्हें सुशील कुमार शिंदे के लिए ये गद्दी छोड़नी पड़ी. साल 2004 के चुनावों के बाद वे एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे. लेकिन नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए हमले के बाद उन्होंने अपना पद छोड़ दिया था.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनकी मृत्यु पर शोक जताया है. सोनिया गांधी ने देशमुख की मौत को एक बड़ी क्षति बताया है. दो बार मुख्यंत्री पद से हटाए जाने के बावजूद विलासराव देशमुख कांग्रेस पार्टी के काफ़ी अहम नेता माने जाते थे. विलासराव देशमुख मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के भी अध्यक्ष थे.

भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रकाश जावेड़कर ने संसद भवन के बाहर पत्रकारों को बताया, "विलासराव देशमुख एक बड़े दिल के राजनेता थे. किसानों से लेकर शहरी युवाओं तक सभी का ख़्याल रखने वाले और महाराष्ट्र के हित का ध्यान रखने वाले नेता था. वे एक ज़िंदादिल व्यक्ति थे. हमें गहरा सदमा लगा है." सीपीआई के नेता डी राजा ने भी विलासराव की मृत्यु पर शोक जताया है.