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मुद्राकोष का सोना उबारेगा मंदी से

मुद्राकोष का सोना उबारेगा मंदी से

नई दिल्ली. 06 अप्रैल

 

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पास जमा 3 हजार 217 टन सोने का भंडार अब गरीब देशों को मंदी से बचाने के काम आएगा. हालांकि माना जा रहा है कि यह सब कुछ अमरीका के इशारे पर ही होगा.


आईएमएफ अपने भंडार में से 403.3 टन सोना बाजार में बेचकर गरीब देशों को 6 अरब डालर का रियायती कर्ज अगले 2 से 3 वर्षो में मुहैया कराएगा. इसके लिए धनी देशों के संगठन जी-20 के नेताओं ने 2 अप्रैल को लंदन शिखर बैठक में आईएमएफ को निर्देश दिया था.


इसे बेचने का फैसला मुद्राकोष के एक्जीक्यूटिव बोर्ड 85 फीसदी बहुमत के आधार पर ही कर सकता है. साथ ही इसके लिए अमेरिका समेत कई सदस्य देशों की संसद से भी मंजूरी लेनी होगी.


अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गीथनर ने इसके लिए कांग्रेस से समर्थन दिलाने का संकेत दिया है.


अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष के पास जितना सोना है, वह अमरीका और जर्मनी के बाद दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार माना जाता है. खुले बाज़ार में इसकी कीमत 95 अरब डालर यानी करीब 48 खरब रुपये है. पहले नंबर पर सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार अमरीका सरकार के पास है, जो लगभग 8 हजार टन से भी कहीं ज्यादा है. जर्मनी सरकार के पास भी सोने का बड़ा भंडार है और जर्मनी सरकार के आंकड़े पर विश्वास करें तो सरकार के पास 3 हजार 400 टन सोना जमा है.