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राडिया के टेप लीक का सरकार को नहीं पता

राडिया के टेप लीक का सरकार को नहीं पता

नई दिल्ली. 23 अगस्त 2012 बीबीसी

नीरा राडिया


सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वो मीडिया में लीक हुए विवादित नीरा राडिया टेप के स्रोत का पता नहीं कर पाई है.समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गुरुवार को सरकार ने जस्टिस जीएस सिंघवी और एसजे मुखोपाध्याय की पीठ के सामने एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में अपनी गोपनीय जांच रिपोर्ट रखी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उस सूत्र का पता लगाना मुश्किल है जिसने आयकर विभाग द्वारा रिकॉर्ड किए गए टेपों को मीडिया में लीक किया.

रिपोर्ट पढ़ने के बाद पीठ ने कहा, "संक्षिप्त में कहें तो रिपोर्ट कहती है कि टेप लीक करने वाले सूत्र का पता लगाना मुश्किल है. ये लोग उस सूत्र को नहीं ढूंढ पाए हैं." पीठ ने ये भी कहा कि रिपोर्ट में सरकार ने कहा है कि जो भी टेप उसके पास थे, नियमों के मुताबिक उनकी मूल प्रति सुप्रीम कोर्ट को सौंपने के बाद उन सभी को नष्ट कर दिया गया है.

सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन नाम की एक ग़ैर-सरकारी संस्था ने इन टेपों में रिकॉर्ड हुई सारी बातचीत को सार्वजनिक करने की मांग की है. इस संस्था के वकील प्रशांत भूषण ने सरकार के इस दावे को "बहुत हैरानी" वाली घटना बताया. इससे पहले सरकार ने एक स्टेटस रिपोर्ट दायर की थी इन टेपों को लीक करने के लिए सरकारी एजेंसियां ज़िम्मेदार नहीं थीं और मीडिया ने जिन राडिया टेपों का प्रसारण किया था, उनके साथ छेड़-छाड़ की गई थी.

कॉर्पोरेट दलाल नीरा राडिया की कंपनी टाटा समूह और मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के लिए जनसंपर्क का काम किया करती थी. इस साल की शुरुआत में नीरा राडिया की विभिन्न उद्योगपतियों, राजनीतिज्ञों, अधिकारियों और पत्रकारों से फ़ोन पर हुई बातचीत के ब्यौरे मीडिया में प्रकाशित हुए थे.

इस बातचीत के बाद से ही 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नीरा राडिया की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे.इन टेप्स में देश के बड़े उद्योगपति रतन टाटा से फ़ोन पर की गई बातचीत भी शामिल है.


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