पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > अंतराष्ट्रीय Print | Send to Friend 

म्यांमार में तूफान, 350 की मौत

म्यांमार में तूफान, 350 की मौत

यंगून. 5 मई, 2008

म्यांमार के इरावड़ी टापू वाले क्षेत्र में आए तूफान से 350 से अधिक लोगों की मौत हो गई. तूफान की वजह से 20 हजार से अधिक मकान ध्वस्त हो गए और 90 हजार लोग गृहविहीन हो गए हैं. 

म्यांमार की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि नरगिस नाम के इस शक्तिशाली तूफान से देश की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचान रखने वाले इस शहर को बुरी तरह क्षति पहुंची है. तूफान ने यहां के हजारों घरों को ध्वस्त कर दिया है. सेना द्वारा संचालित म्यादी टेलीविजन के अनुसार शनिवार को आए तूफान के बाद पांच क्षेत्रों को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है.

 

वहां शनिवार को 190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं. यहां के टेलीविजन के अनुसार, इस तूफान में मौत के शिकार हुए लोगों में 222 इरावड़ी क्षेत्र के हैं.

शनिवार को भारतीय समयानुसार शाम सात बजे के करीब म्यांमार की इरावदी डेल्टा क्षेत्र से टकराने के साथ ही इस तूफान ने आसपास के क्षेत्रों में भारी तांडव मचाया. 190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण राजधानी यंगून में कई मकान ध्वस्त हो गए, हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए. पूरे शहर में बर्बादी का आलम है. इंटरनेट, फोन और मोबाइल सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं, लिहाजा तूफान से होने वाले नुकसान का सही अंदाजा लगा पाना मुश्किल हो रहा है.

 

हालांकि स्थानीय समाचार पत्र ने तूफान से इरावदी डेल्टा क्षेत्र में लाखों की संपत्ति के नुकसान की बात कही है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नर्गिस का कहर देख कर उन्हें अमेरिका में आए तूफान कैटरीना की याद ताजा हो गई. पूरे यंगून शहर में बिजली और पानी की आपूर्ति भी ठप पड़ गई है. स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि यह बता पाना मुश्किल है कि बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने में कितना समय लगेगा. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यंगून के साथ साथ आस-पास के इलाकों में हुई तबाही से ऐसी आशंका है कि तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

 

तूफान की प्रचंडता को देखते हुए सरकार ने देश के पांच राज्यों में आपात स्थित की घोषणा कर दी है. सरकारी मीडिया ने कहा कि तूफान के कारण यंगून बंदरगाह में चार जहाज डूब गए. यंगून अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि तूफान के मद्देनजर यहां आने वाली सभी उड़ानों को मांडले शहर की ओर भेज दिया गया है.

 

इस बीच मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि नर्गिस तूफान पूर्वोतर की ओर तेजी से बढ़ते हुए थाईलैंड के उत्तरी हिस्से से टकराने वाला है. इस क्षेत्र में तूफान आने से पहले ही मूसलाधार बारिश शुरू हो चुकी है.


[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in