पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >अंतराष्ट्रीय >सीरिया Print | Share This  

सीरिया: असद सरकार पर जनसंहार का आरोप

सीरिया: असद सरकार पर जनसंहार का आरोप

दमिश्क. 27 अगस्त 2012. बीबीसी


सीरिया में विपक्षी कार्यकर्ताओं का कहना है कि राजधानी दमिश्क से सटे एक शहर में बड़ी संख्या में लाशें मिली हैं. इनका आरोप है कि सरकारी सेनाओं ने नरसंहार किया है.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि इनमें से ज्यादातर को दारया शहर के नजदीक फाँसी पर लटकाकर मारा गया है. अपुष्ट खबरों के मुताबिक कुछ घरों और तहखानों में से करीब दो सौ शव बरामद किए गए हैं.

वहीं सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने विपक्ष के आरोपों पर बिना कोई टिप्पणी करते हुए कहा है कि दारया शहर को चरमपंथी अवशेषों से खाली किया जा रहा था. ब्रिटेन का कहना है कि यदि ये खबरें सही हैं तो इन हत्याओं को नए तरह का अत्याचार कहा जाएगा.

इस बीच, सीरिया के उप-राष्ट्रपति फारूख अल-शारा ने दमिश्क में आए एक प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया है. रविवार को अल शारा करीब महीने भर के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए. ऐसी अफवाहें थीं कि उन्होंने सरकार से अलग होने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया.

राष्ट्रपति बशर अल-असद ने भी इस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कहा कि सीरिया अपनी मौजूदा नीति को जारी रखना चाहेगा. उन्होंने पश्चिमी देशों पर षड्यंत्र का भी आरोप लगाया है. राष्ट्रपति असद की सेनाओं ने कई दिनों की बमबारी के बाद दारया शहर में शनिवार को धावा बोला था.

स्थानीय संवाददाता का कहना है कि ये हमला राजधानी दमिश्क के दक्षिणी हिस्से में अपनी दावेदारी को मजबूत करने संबंधी अभियान का हिस्सा था जहां विद्रोहियों ने एक बार फिर एकजुट होना शुरू किया था. घटनास्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने इंटरनेट पर कुछ अपुष्ट वीडियो भी अपलोड किए हैं जिसमें एक मस्जिद में बड़ी संख्या में रखे शवों को दिखाया गया है.

कार्यकर्ताओं के मुताबिक सरकारी सैनिकों ने लोगों के सिर और सीने में गोली मारी है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in