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अन्ना के साथ हूं, अरविंद के नहीं-बेदी

अन्ना के साथ हूं, अरविंद के नहीं-बेदी

नई दिल्ली. 27 अगस्त 2012

किरण बेदी


सामाजिक कार्यकर्ता और देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने कहा है कि वे अन्ना हजारे के साथ हैं, अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ नहीं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि वे भाजपा के साथ नहीं जाने वाली हैं. बीबीसी से बात करते हुये किरण बेदी ने कहा कि जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, ये उनके अपने सपने हैं और आरोप हैं. इस बात में कोई हकीकत नहीं है. मैं राजनीति से परे हूँ. अगर मैं ऐसी होती तो दिल्ली की पुलिस आय़ुक्त बन गई होती. जिन लोगों का राजनीतिक गॉडफादर होता है, वो ही पुलिस कमिश्नर बनता है.

इधर किरण बेदी ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में कहा कि टीम अन्ना तो अब भंग हो गई है और अगर कोई टीम केजरीवाल बनती है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है. मैं पॉलिटिकल विकल्प में नहीं जाऊंगी और मैं अन्ना के आंदोलन के साथ हूं. अरविंद पॉलिटिकल विकल्प में जाएंगे. वह पार्टी के फाउंडर होंगे और पार्टी में सिसौदिया, भूषण और दूसरे लोग होंगे. अन्ना ने भी कहा है कि वह पक्ष पार्टी नहीं बनाएंगे. पार्टी केजरीवाल की होगी और आंदोलन अन्ना का होगा. मैं आंदोलन के साथ हूं.

किरण बेदी ने कहा किऐसा नहीं है कि अरविंद केजरीवाल टीम पर अपने फैसले थोपते हैं. सबकी बात होती है. वह फैसले लेते हैं. कई बार शॉर्ट नोटिस में फैसले लेने होते हैं. घेराव को लेकर भी शायद वह पहले फैसला कर चुके होंगे. किरण बेदी ने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि यह किसका फैसला था और किन-किन ने मिलकर यह फैसला लिया. मुझे घेराव के बारे में दो दिन पहले ही पता चला तो मैंने अपनी राय बता दी. घेराव की प्लानिंग में मैं शामिल नहीं थी, उन लोगों की आपस में मीटिंग हुई होगी.


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