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आतंकवाद के खिलाफ एक हों- ओबामा

आतंकवाद के खिलाफ एक हों- ओबामा

वाशिंगटन. 11 अप्रैल 2009

 

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा कहा है कि दुनिया के सभी देश आतंकवाद की साझा वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए एकजुट हों, जिसके कारण मैनहैट्टन से लेकर मुंबई तक निर्दोष लोगों की जान जा रही है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, मौजूद वैश्विक चुनौतियां, किसी सीमा में बंधी नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, परमाणु प्रसार और मंदी जैसी 'अभूतपूर्व समस्याओं' से कोई भी देश अकेले नहीं निपट सकता, इसके लिए समन्वित कार्रवाई की जरुरत है क्योंकि कोई भी देश कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, इससे अकेले नहीं लड़ सकता.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में उन्होंने दुनिया के कई देशों के नेताओं से मुलाकात करके इस बात पर जोर दिया कि हम सबको मिलजुल कर आर्थिक समस्या का समाधान करना पड़ेगा. ओबामा ने कहा कि हमने विकास की गति को तेज करने, ऋण प्रवाह को बहाल करने, बाजारों को मुक्त बनाने और अपनी वित्तीय नियामक प्रणाली में नाटकीय रूप से सुधार लाने के लिए कदम उठाए हैं ताकि इस प्रकार के संकट दोबारा सामने नहीं आए.

ओबामा ने कहा कि दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर ही हम दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों के प्रसार को रोक पाएंगे. उन्होंने कहा कि इसलिए हमने प्राग में एक रणनीति बनाई ताकि हम रूस और अन्य देशों के साथ मिलकर परमाणु हथियारों के प्रसार को रोक सकें, आतंकियों के हाथों में परमाणु सामग्री पड़ने से रोक सकें और अंततः दुनिया को परमाणु दु:स्वप्न से मुक्त करा सकें.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम एक खतरनाक दुनिया में रहते हैं और हमें इन चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत और सतर्क रहना होगा. लेकिन हमारी सफलता के लिए आवश्यक हल के रास्ते में दूसरे देशों के साथ मतभेदों को नहीं आने देना चाहिए.


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