पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > अंतराष्ट्रीय > अमरीका Print | Send to Friend | Share This 

आतंकवाद के खिलाफ एक हों- ओबामा

आतंकवाद के खिलाफ एक हों- ओबामा

वाशिंगटन. 11 अप्रैल 2009

 

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा कहा है कि दुनिया के सभी देश आतंकवाद की साझा वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए एकजुट हों, जिसके कारण मैनहैट्टन से लेकर मुंबई तक निर्दोष लोगों की जान जा रही है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, मौजूद वैश्विक चुनौतियां, किसी सीमा में बंधी नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, परमाणु प्रसार और मंदी जैसी 'अभूतपूर्व समस्याओं' से कोई भी देश अकेले नहीं निपट सकता, इसके लिए समन्वित कार्रवाई की जरुरत है क्योंकि कोई भी देश कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, इससे अकेले नहीं लड़ सकता.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में उन्होंने दुनिया के कई देशों के नेताओं से मुलाकात करके इस बात पर जोर दिया कि हम सबको मिलजुल कर आर्थिक समस्या का समाधान करना पड़ेगा. ओबामा ने कहा कि हमने विकास की गति को तेज करने, ऋण प्रवाह को बहाल करने, बाजारों को मुक्त बनाने और अपनी वित्तीय नियामक प्रणाली में नाटकीय रूप से सुधार लाने के लिए कदम उठाए हैं ताकि इस प्रकार के संकट दोबारा सामने नहीं आए.

ओबामा ने कहा कि दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर ही हम दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों के प्रसार को रोक पाएंगे. उन्होंने कहा कि इसलिए हमने प्राग में एक रणनीति बनाई ताकि हम रूस और अन्य देशों के साथ मिलकर परमाणु हथियारों के प्रसार को रोक सकें, आतंकियों के हाथों में परमाणु सामग्री पड़ने से रोक सकें और अंततः दुनिया को परमाणु दु:स्वप्न से मुक्त करा सकें.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम एक खतरनाक दुनिया में रहते हैं और हमें इन चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत और सतर्क रहना होगा. लेकिन हमारी सफलता के लिए आवश्यक हल के रास्ते में दूसरे देशों के साथ मतभेदों को नहीं आने देना चाहिए.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in