पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >बिहार Print | Share This  

मोदी ने नीतीश कुमार को कहा पीएम मटेरियल

मोदी ने नीतीश कुमार को कहा पीएम मटेरियल

पटना. 3 सितंबर 2012

नीतीश कुमार


भाजपा नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री का दावेदार बता कर एक बार फिर पार्टी और पार्टी से बाहर विवाद पैदा कर दिया है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इससे पहले नरेंद्र मोदी को पीएम का दावेदार बताने पर गहरी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं लेकिन नरेंद्र मोदी की ही पार्टी के इस दूसरे मोदी ने नीतीश कुमार की तारीफ में कसीदे काढ़ कर पार्टी को भी संकट में ला दिया है.

भाजपा नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक अखबार से बातचीत में कहा है कि नीतीश कुमार पीएम मटीरियल हैं. एक महत्वपूर्ण राज्य के मुख्यमंत्री और भाजपा के मूल्यवान सहयोगी के रूप में वह निश्चित रूप से 2014 के चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे. लेकिन, स्थायी सरकार तभी बन सकती है, जब गठबंधन की बड़ी पार्टी से प्रधानमंत्री हो. सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कांग्रेस के धुर विरोधी हैं और हमारा गठबंधन पत्थर की तरह मजबूत है. ऐसे में उनके कांग्रेस की डूबती नाव में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है.

सुशील कुमार मोदी के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हंगामा शुरु हो गया है. पार्टी के भीतर और बाहर इस बात को लेकर बहस शुरु हो गई है कि जब भाजपा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का दावेदार बता चुका और नीतीश कुमार इस पर गहरी आपत्ति दर्ज कर चुके हैं तो ऐसे में नीतीश कुमार को इतना महत्व देने की क्या ज़रुरत है. हालांकि कहा तो यह भी जा रहा है कि सुशील मोदी ने एक तीर से दो निशाने साधते हुये पहले तो नीतीश कुमार को खुश कर दिया, दूसरा वे इस बहाने पार्टी में यह संदेश देने में भी सफल रहे कि नरेंद्र मोदी की पीएम पद की उम्मीदवारी पार्टी के भीतर कई लोगों के विरोध का सबब बन सकती है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in