पहला पन्ना >मुद्दा >राजनीति Print | Share This  

पदोन्नति में आरक्षण को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

पदोन्नति में आरक्षण को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

नई दिल्ली. 4 सितंबर 2012

संसद

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को आरक्षण देने संबंधी प्रस्ताव पर अपनी मंजूरी दे दी है. मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में पदोन्नतियों में आरक्षण के लिए संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई. माना जा रहा है कि इससे संबंधित बिल संसद में इसी मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है.

गौरतलब है कि देश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण पहले से ही लागू है, वहीं ताज़ा प्रस्ताव के तहत नौकरी पा चुके अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए पदोन्नति में भी आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा. हालांकि इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण को गैरकानूनी ठहराया था और ऐसी स्थिति में सरकार इसे सिर्फ संसदीय मंजूरी प्राप्त होने पर ही लागू करा सकती है.

वहीं केंद्र सरकार के इस कदम पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. एक ओर बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी समेत अनेक राजनीतिक दलों ने इस पर अपनी खुशी ज़ाहिर की है वहीं समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहन सिंह ने कहा कि एसपी इसका विरोध करती रहेगी और बिल जब स्टैंडिंग कमिटी में आएगा तो उनकी पार्टी के सांसद वहां अपना मत देंगे. पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि कोयला घोटाले से ध्यान हटाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.

उधर पदोन्नतियों में आरक्षण दिए जाने के इस फैसले पर कई सरकारी कर्मचारियों में नाराजगी का आलम है. बुधवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों के करीब 16 लाख सरकारी कर्मचारी केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे.