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थरूर ने कहा-भारतीय राष्ट्रवाद दुर्लभ पशु

थरूर ने कहा-भारतीय राष्ट्रवाद दुर्लभ पशु

नई दिल्ली. 4 सितंबर 2012

शशि थरूर


अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिये मशहूर सांसद शशि थरूर ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रवाद एक दुर्लभ पशु है और भारतीय धर्मनिरपेक्षता धर्म की अनुपस्थिति के रूप में धर्मनिरपेक्षता के पश्चिमी सिद्धांत के खिलाफ धर्मों का एक प्राचुर्य है.

शशि थरूर यहीं नहीं रुके. उन्होंने अपने वक्तव्य में यह भी जोड़ा कि एक तमिल ब्राह्मण एक जाट के साथ अपना धर्म बांट सकता है, लेकिन रूप-रंग, भाषा, भोजन और संस्कृति के संदर्भ में नहीं. उन्होंने कहा कि धर्म, क्षेत्र, जाति और जातीयता भारत को बांटते हैं.

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'हू इज एन इंडियन? अ नेशन ऑफ माइनॉरिटी' विषयक व्याख्यान में शशि थरूर ने कहा कि बहुलतावाद देश की प्रकृति से पैदा होता है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों की हिफाजत सरकारों की एक प्राथमिकता होनी चाहिए.

देश भर में चल रहे विभिन्न सामाजिक संघर्षों के कारण विस्थापित हुये 10 लाख लोगों के आंकड़े को लेकर शशि थरूर ने चिंता व्यक्त की और कहा कि आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों पर कोई कानून न होना एक कमी है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए जरुरी कानून की कमी है और इस कमी को दूर करने की जरुरत है.


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