पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >मुद्दा >समाज Print | Share This  

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, कई मरे

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, कई मरे

सिवकासी. 5 सितंबर 2012

पटाखा फैक्ट्री


तमिलनाडु के सिवकासी कस्बे में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में कमसे कम 35 लोगों के मारे जाने की खबर है. पुलिस ने कुछ और लोगों के मारे जाने की आशंका से इंकार नहीं किया है. खबरों के अनुसार पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद आग लग गई, जिससे काम करने वाले लोग उसमें घिर गये.

बीबीसी के अनुसार घटनास्थल पर कुछ समय पहले तक मौजूद वरिष्ठ अधिकारी रामामूर्ति ने बताया है कि फैक्ट्री से अब तक 31 लोगों के शव बरामद किए गए हैं. विस्फोट मुदलीपट्टी की फैक्ट्री में हुआ जिसमें 40 कमरे थे और 250 से ज्यादा लोग काम कर रहे थे.विरुधुनगर के पुलिस अधीक्षक नजमल होडा ने बीबीसी संवाददाता शिल्पा कनन को बताया, "ये आग ओमशक्ति फैक्ट्री में लगी है. इस घटना में आठ फायर टेंडर घटनास्थल पर हैं लेकिन दमकल कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि पटाखों में अब भी विस्फोट हो रहा है. हालाँकि आग पर मोटे तौर पर काबू पा लिया गया है."

आसपास के गाँवों के कई लोग जो मदद करने पहुँचे थे, उनमें से भी कई आग की चपेट में आ गए. घायलों को कई सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया है.

सिवकासी भारत में पटाखे बनाने के लिए जाना जाता है. देश में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर पटाखे यहीं बनते हैं. आमतौर पर दीवाली से पहले पटाखों से होनेवाली दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती है. ये पहली बार नहीं है जब सिवकासी की किसी पटाखा फैक्ट्री में आग लगी हो. शिवकाशी के अलावा भी कई पटाखा फैक्ट्रियों में आग लगने और लोगों के मारे जाने की घटनाएँ हो चुकी हैं.

साल 2008 में राजस्थान के भरतपुर में पटाख़ा फ़ैक्टरी में धमाका हुआ था और कम से कम 26 लोग मारे गए थे. 2008 में ही उड़ीसा में भी पटाखा बनाने वाले एक कारखाने में धमाका हुआ था जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in