पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

केजरीवाल के लिये प्रचार नहीं करेंगे अन्ना

केजरीवाल के लिये प्रचार नहीं करेंगे अन्ना

मुंबई. 7 सितंबर 2012

अन्ना हजारे


अन्ना हजारे ने साफ कर दिया है कि वे अरविंद केजरीवाल की पार्टी के लिये प्रचार करने का काम नहीं करेंगे. अन्ना ने कहा है कि वे अच्छे उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार ज़रुर करेंगे. अन्ना का कहना था कि वे राजनीतिक दल बनाने का विचार अरविंद केजरीवाल का था और वे इससे सहमत नहीं थे.

मुंबई में एक कार्यक्रम में पहुंचे अन्ना हजारे ने कहा कि वे चाहते हैं कि देश के युवा चुनावों में 90 फीसदी वोट करके एक बेहतर उम्मीदवार का चयन करें. अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल के निर्णय पर सवाल खड़े करते हुये कहा कि चुनाव लड़ने के लिए राजनीतिक पार्टी बनाने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को एक विकल्प देना जरूरी है. हमें लोगों को जागरूक करना होगा.

अन्ना हजारे ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के मामले को केवल प्रदर्शन करने तक सीमित रखा जाएगा तो इसका कोई अर्थ नहीं है. ऐसे विरोध प्रदर्शनों का मतलब है कि यह केवल शिकायत निवारण केंद्र बन कर रह गया है. इसलिये हमें विकल्प की तरफ ध्यान देना होगा.

इस विकल्प के रुप में अन्ना हजारे ने छह सूत्रीय ऐक्शन प्लान की बात की. इस चुनाव में उन्होंने साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवार को वोट देने, खराब उम्मीदवार को अस्वीकृत करने, ग्राम सभा को ज्यादा अधिकार, सिटीजन चार्टर, सरकारी दफ्तरों में कामकाज में देरी पर रोक और पुलिस को लोकपाल के दायरे में लाने की वकालत की.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

somprakash [] spn - 2012-09-07 04:55:08

 
  बड़ा परिवर्तन करने के लिए बड़ी शक्ति का होना जरूरी है और ये शक्ति पार्टी बनाने से ही मिल सकती है. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in