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ठाकरे के पूर्वज अमरीका से आये थे

ठाकरे के पूर्वज अमरीका से आये थे

मुंबई. 8 सितंबर 2012

बाल ठाकरे


बाल ठाकरे ने अपने बिहारी होने के सवाल हास्यास्पद ठहराते हुये कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सवालों के घेरे में खड़ा करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों को बिहारी ठहराये जाने के बाद अब देखना है कि कौन उन्हें यह कहता है कि उनके पूर्वज अमरीका से आये थे. उन्होंने मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव पर भी हमले किये हैं.

अपने अखबार सामना में ही प्रकाशित अपने साक्षात्कार में बाल ठाकरे ने कहा कि 1992 में बाबरी मस्जिद गिरने के बाद पहली बार धर्मांध मुसलमान हिंसक होकर सड़कों पर उतरा. बाबरी मस्जिद यूपी में गिरी, तो दंगा मुंबई में क्यों हुआ? बाल ठाकरे ने अपने साक्षात्कार में कहा है कि गोधरा कांड को कोई कैसे भूल सकता है. साबरमती एक्सप्रेस के तीन डब्बों को सुनियोजित तरीके से जला दिया गया. अगर अयोध्या में कुछ होता है और उसका रिएक्शन मुंबई में होता है, तो गोधरा में जो कुछ हुआ और उसका रिएक्शन अहमदाबाद में हुआ तो उस पर बवाल क्यों मचाते हो.

बाल ठाकरे ने मुसलमानों के सवाल पर कहा कि मेरे हाथ में सेना दो मैं देश में रहने वाले पाकिस्तान समर्थक मुसलमानों को एक महीने में सीधा कर दूंगा. उन्होंने कहा कि देश में ढोल पीटने की नई राजनीति भी चल रही है, जिसे लालू ने जन्म दिया. बाल ठाकरे ने कहा कि मैं एक बार गुस्से में आ गया तो एक भी धर्मांध, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमान को तो कम-से-कम महाराष्ट्र में तो नहीं रहने दूंगा.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा बाल ठाकरे के पिता की किताब को आधार बना कर बाल ठाकरे को बिहार का बताये जाने के तथ्य को बाल ठाकरे ने हास्यास्पद बताया और कहा कि अब देखना है हमें अमरीकन कौन ठहराता है. ठाकरे के पूर्वज अमरीका से कब भारत आए थे, अब यह देखना है.

उन्होंने कहा कि बिहार में मुसलमानों ने नीतीश को वोट किया, जिससे वह सत्ता में आए. सूबे में मिलीजुली सरकार होने की वजह से भाजपा के कदम भी ठिठक गए हैं और वह मुसलमानों के खिलाफ कोई मुद्दा जोर-शोर से नहीं उठाती है. गुजरात दंगे की वजह से नीतीश कुमार बिहार में नरेंद्र मोदी को प्रचार करने नहीं आने देते. बाल ठाकरे ने इसी तरह मुलायम सिंह यादव को मुल्ला बताते हुये उनकी खिल्ली उड़ाई.

राष्ट्रपति चुनाव में हर बार कांग्रेस को समर्थन देने पर अपने तरीके से सफाई देने वाले बाल ठाकरे ने कहा कि पहली बार महाराष्ट्र से कोई राष्ट्रपति बन रहा था, इसलिये मैंने प्रतिभा देवी पाटिल को समर्थन दिया था. इस बार प्रणव मुखर्जी को इसलिये समर्थन दिया क्योंकि वे कड़क, अनुशासनप्रिय और अनुभवी इंसान हैं.