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इस्लाम को कैंसर बताने पर हिंसा

इस्लाम को कैंसर बताने पर हिंसा

बेनगाज़ी. 12 सितंबर 2012

हमला


पैगंबर मोहम्मद का कथित तौर पर अपमान करने वाली एक फिल्म के प्रदर्शन के बाद से अमरीकी दूतावास पर किया जाने वाला हमला बुधवार को भी जारी रहा. लीबिया और मिस्र में हुये हमलों के बाद खबर है कि उपद्रवियों ने लीबिया में अमरीकी राजदूत को मार डाला. सूत्रों के अनुसार अमरीका के राजदूत जॉन क्रिस्टोफ़र स्टीवन्स बेनगाज़ी के वाणिज्यिक दूतावास पर हुए एक हमले में मारे गए. इस घटना के बाद से अमरीकन राजनयिकों के बीच सनसनी है.

गौरतलब है कि इसराइली-अमरीकी मूल के सैम बेसिल द्वारा बनाई गई 'इनोसेन्स ऑफ मुस्लिम्स' नामक फिल्म में इस्लाम धर्म को 'कैंसर' बताया गया था. इसके कुछ अंश अरबी में अनुवाद करके यू ट्यूब पर पोस्ट किये गये थे, जिसके बाद से हंगामा मचा हुआ है.

बीबीसी के अनुसार लीबिया के बेनग़ाज़ी में हथियारबंद लोगों ने अमरीकी वाणिज्य दूतावास में घुसकर आग लगा दी थी, जबकि मिस्र के क़ाहिरा में प्रदर्शनकारियों ने दूतावास में लगे अमरीकी झंडे को फाड़ दिया और उसकी जगह इस्लामी झंडे लगा दिए थे.

दोनों दूतावासों में हुई हिंसा के बाद अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "कुछ लोगों ने इस हिंसा को इंटरनेट पर फैली कुछ आपत्तिजनक सामग्री पर प्रतिक्रिया कहकर सही ठहराने की कोशिश की है. लेकिन मैं ये स्पष्ट करना चाहती हूं कि ऐसी हिंसा को किसी तर्क से सही नहीं ठहराया जा सकता."

फिल्म के निर्माता का कहना है कि ये फिल्म इस्लाम धर्म के 'दोगलेपन' को सामने लाती है. एएफपी समाचार एजेंसी के मुताबिक अमरीकी पादरी टेरी जोन्स इस फिल्म को लोकप्रिय बनाने का काम देख रहे हैं. इससे पहले जोन्स के कुरान की प्रतियां जलाने और न्यूयॉर्क के ग्राउंड ज़ीरो में मस्जिद बनाने का विरोध करने पर तीखी आलोचना हुई थी.


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