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चार कोल ब्लॉक रद्द

चार कोल ब्लॉक रद्द

नई दिल्ली. 13 सितंबर 2012

कोल


कोयला आवंटन पर बने अंतर मंत्रालयी समूह यानी आईएमजी ने प्राइवेट कंपनियों को मिले 4 कोल ब्लॉक वापस लेने की सिफारिश की है. यही नहीं 3 अन्य कंपनियों की बैंक गारंटी जब्त करने की भी सिफारिश आईएमजी ने की है. एक कंपनी को बैंक गारंटी जमा करने को कहा जाएगा. इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने तय वक्त पर काम शुरू नहीं किया.

कोयला मंत्रालय के अनुसार अंतर-मंत्रालीय समूह ने 12 सितंबर को अपनी बैठक में उन पांच कंपनियों, जिन्हें आठ कोयला ब्लॉक आबंटित किये गये थे, के मामले में विचार-विमर्श किया और चार ब्लॉकों- मेसर्स कास्ट्रोन माइनिंग लिमिटेड, चिनौरा को आबंटित ब्रह्माडीह ब्लॉक, मेसर्स फील्डमाइनिंग और इस्पात लिमिटेड को आबंटित वरोरा (दक्षिणी भाग), मेसर्स डोमको स्मोकलेस फ्यूल्स प्राईवेट लिमिटेड को आबंटित लालगढ़ (उत्तरी) ब्लाक का आबंटन रद्द करने की संस्तुति की. इसके साथ ही अंतर-मंत्रालीय समूह ने मेसर्स श्री वीरांगना स्टील्स लिमिटेड को आबंटित मर्की मांगली-II, III और IV ब्लॉकों के मामले में बैंक गारंटी में कटौती करने की भी संस्तुति की.

कोयला मंत्रालय ने इस बात की भी संस्तुति की कि मैसर्स मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड को आबंटित उत्कल बी-2 ब्लॉक के मामले में, जहां पर्याप्त प्रगति तो हुई है किंतु बैंक गारंटी का कोई प्रावधान नहीं है, आबंटी को इस संबंध में जारी किये गए पत्र की तिथि से लेकर एक माह के भीतर तीन वर्ष की रॉयल्टी के समतुल्य बैंक गारंटी दाखिल करने का निर्देश दिया जाए, जिसमें विफल रहने पर आबंटन रद्द किया जाएगा.

कोयला ब्लॉकों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अंतर-मंत्रालीय समूह ने व्यक्तिगत मामले में कार्यवाही हेतु सुझाव देने के बारे में विचार-विमर्श किया. इससे पहले अंतर-मंत्रालीय समूह ने 6 से लेकर 8 सितंबर के बीच कोयला ब्लॉक आबंटियों के पक्ष सुनने के लिए उन्हें आमंत्रित किया था और कोयला मंत्रालय की ओर से एक स्थिति पत्र भी प्राप्त किया था.


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