पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राज्य >झारखंड Print | Share This  

देवघर के भगदड़ में 9 की मौत

देवघर के भगदड़ में 9 की मौत

देवघर. 24 सितंबर 2012 बीबीसी

देवघर


पुलिस का कहना है कि झारखंड के देवघर जिले में एक धार्मिक अनुष्ठान में मची भगदड़ में नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि 15 घायल हुए हैं.

पुलिस का कहना है कि मारे गए लोगों में आठ महिलाएं और एक बच्चा शामिल है.घायलों का इलाज देवघर के स्थानीय अस्पताल में चल रहा है. घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम मुख्यतौर पर आश्रम की प्रबंध समिति के लोगों और स्थानीय युवकों नें किया.

मरने वालों में भी ज्यादातर लोग बिहार के बताए जाते हैं लेकिन अभी तक उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है. अभी तक भगदड़ के कारणों का पता नहीं चल पाया है. जिला प्रशासन नें मामले की जांच शुरू कर दी है.

देवघर के पुलिस अधीक्षक सुबोध प्रसाद का कहना है संत ठाकुर अनुकूल चंद्रा की 125 वीं जयंती पर देवघर में स्थित उनके आश्रम में श्रद्धालू भारी संख्या में जमा थे, उसी दौरान भगदड़ मची. मगर पुलिस का कहना है कि आश्रम के प्रबंधन नें आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी. प्रबंधन के लोग अपने स्तर पर ही आयोजन की देख रेख कर रहे थे.

कुछ स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि आश्रम में पुलिस मौजूद ही नहीं थी जिससे भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका और इसी वजह से भगदड़ मची. एक अनुमान के मुताबिक़ ठाकुर अनुकूल चंद्रा की जयंती के मौके पर कम से कम लाख लोग आश्रम में जमा हुए थे. इनमे ज़्यादातर लोग बिहार, ओडिशा और बंगाल से आये हुए थे.

झारखण्ड विकास मोर्चा के विधायक प्रदीप यादव नें स्थानीय प्रशासन पर ग़ैर जिम्मेदाराना रवैए का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जब हर साल इतने श्रद्धालू आश्रम में जमा होते हैं तो फिर यह प्रशासन की जवाबदेही है कि भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाए.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Rajiv [pikkybabu@gmail.com] Giridih, Jharkhand - 2012-09-25 19:06:46

 
  प्रशासन जानती थी कि लाखों की संख्या में भीड़ होगी परंतु भीड़ को नियंत्रित करने का कोई प्रबंध नहीं किया गया था. जिन 9 लोगो की जान गई उसके लिए प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in