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ममता पर ममता नहीं तो जनता क्या चीज

ममता पर ममता नहीं तो जनता क्या चीज

मुंबई. 24 सितंबर 2012

बाल ठाकरे


बाल ठाकरे के सुप्रीमो बाल ठाकरे ने कहा है कि जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने सहयोगी ममता बनर्जी को एफडीआई के मुद्दे को नहीं समझा पाए तो वे आम जनता को इस बात की कोई संभावना नहीं बनती कि वो एफडीआई पर जनता को समझा सकें. बाल ठाकरे का कहना है कि 21 सितंबर को प्रसारित प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन सबसे हास्यास्पद और अभूतपूर्व था.

सामना में लिखे अपने संपादकीय में बाल ठाकरे ने कहा है कि खुदरा में एफडीआई के कदम ने देश के व्यापारिक समुदाय को नाराज कर दिया है. डीजल की कीमतों में वृद्धि ने भी आम आदमी को ज्यादा पीड़ित किया है. इससे गरीबों के घर का चूल्हा बंद हो जाएगा. इसके बावजूद प्रधानमंत्री लोगों से आह्वान करते हैं कि वो उनका हाथ मजबूत करें.

बाल ठाकरे ने अपने संपादकीय में कहा है कि जहां प्रधानमंत्री अत्यधिक वित्तीय संकट में होने की बात करते हैं, वहीं वह दरियादिली भी दिखाते हैं. ठाकरे ने मुस्लिम अल्पसंख्यकों को दी गई रियायतों, खाद्य सुरक्षा पर सरकारी खर्च पर और मनरेगा पर सवाल खड़े किए.


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