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नितिन गडकरी चाहते हैं एफडीआई

नितिन गडकरी चाहते हैं एफडीआई

नई दिल्ली. 3 अक्टूबर 2012

नितिन गडकरी


खुदरा बाजार में एफडीआई को लेकर भाजपा द्वारा कड़े विरोध के बीच नितिन गडकरी ने एफडीआई की वकालत करके पार्टी को सकते में डाल दिया है. पार्टी के नेता नितिन गडकरी के बयान से भौंचक हैं क्योंकि पार्टी ने एफडीआई को लेकर भारत बंद से लेकर तमाम तरह के विरोध प्रदर्शन किये हैं. ऐसे में पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की एफडीआई की वकालत से पार्टी पदाधिकारी समेत छोटे कार्यकर्ता सकते में हैं.

भाजपा ने खुदरा बाजार में विदेशी निवेश यानी एफडीआई को लेकर भले विरोध की राजनीति शुरु कर दी हो लेकर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की राय है कि देश के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विदेशी निवेश की ज़रुरत है. उनका कहना है कि इस तरह से एफडीआई को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में विदेशी पूंजी तो आ नहीं रही है, उल्टे भारत की पूंजी विदेशों में जा रही है. उन्होंने कहा कि देश में कई सेक्टर ऐसे हैं, जहां हमें एफडीआई लाना होगा.

सरकारी प्रबंधन की आलोचना करते हुये नितिन गडकरी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां हरेक चीज कुप्रबंधन का शिकार है. उत्तरप्रदेश का उदाहरण देते हुये गडकरी ने कहा है कि जितने पैसे उत्तरप्रदेश में स्मारकों में खर्च किये गये हैं, उतने पैसे से कोल्ड स्टोरेज बनवा दिये गये होते तो किसानों का भला होता.

गौरतलब है कि मनमोहन सिंह की सरकार ने देश में विदेशी निवेश में बढ़ावा देते हुए मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र 51 फीसदी विदेश निवेश को मंजूरी दे दी है. वहीं एकल ब्रांड में सौ फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी गई. हालांकि केंद्र सरकार ने विदेशी कंपनियों को राज्यों में प्रवेश देने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है. भारतीय जनता पार्टी समेत विरोधी पार्टियां इसका कड़ा विरोध कर रही हैं.


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