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शिक्षकों के खाली पद 6 माह में भरें

शिक्षकों के खाली पद 6 माह में भरें

नई दिल्ली. 3 अक्टूबर 2012

उच्चतम न्यायालय


उच्चतम न्यायालय ने देश भर के स्कूलों की हालत पर चिंता जताते हुये केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे छह महीने के भीतर सभी स्कूलों में पेयजल और शौचालय समेत सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. अदालत ने कहा कि बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने से जुड़े उसके सभी पूर्ववर्ती निर्देशों को उसके द्वारा तय समयसीमा के भीतर लागू किया जाना चाहिए. अदालत ने शिक्षकों के खाली पदों को भी भरने के निर्देश दिये.

बुधवार को न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक जनहित याचिका को लेकर अपने पुराने आदेश की उल्लेख करते हुये इस बात पर क्षोभ जताया कि पिछले साल 18 अक्टूबर को देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सभी सरकारी स्कूलों में खासकर लड़कियों के लिए शौचालय बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन उसका अनुपालन नहीं किया गया.

उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 21-ए के तहत बच्चों को प्रदत्त निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है. अदालत ने कहा था कि सभी स्कूलों में शौचालय की सुविधा होनी चाहिए क्योंकि शोधों से पता चला है कि जिन स्कूलों में शौचालयों की सुविधा नहीं होती वहां माता-पिता अपने बच्चों को और खासतौर पर बच्चियों को पढ़ने के लिए नहीं भेजते.


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