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गांधी जयंती पर चिकन फेस्टिवल

गांधी जयंती पर चिकन फेस्टिवल

हैदराबाद. 3 अक्टूबर 2012

उच्चतम न्यायालय


गांधी की अहिंसा के खिलाफ गांधी जयंती पर चिकन फेस्टिवल के आयोजन को लेकर एक बार फिर से बहसबाजी शुरु हो गई है. महात्मा गांधी की अहिंसा के सिद्धांत की आलोचना के उद्देश्य से गांधी जयंती के अवसर पर हैदराबाद के पोत्ति श्रीरामुलु तेलुगू विश्वविद्यालय में दलित और पिछड़ा वर्ग के छात्रों द्वारा चिकन फेस्टिवल का आयोजन किया गया था. यह आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के ही त्रिवेणी हॉस्टल में किया गया था.

गौरतलब है कि गांधी जयंती के दिन शराब और मांसाहार की बिक्री बंद रहती है. इसी के कारण 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन पोत्ति श्रीरामुलु तेलुगू विश्वविद्यालय के हॉस्टल में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाया गया था. हॉस्टल प्रबंधन के इस निर्णय के खिलाफ कुछ अजा, पिछड़ा वर्ग और आदिवासी संगठनों से जुड़े छात्रों ने हॉस्टल में चिकन फेस्टिवल का आयोजन किया.

इस चिकन फेस्टिवल में उस्मानिया यूनिवर्सिटी और ईएफएलयू के लगभग एक सौ छात्रों ने भाग लिया. आयोजन में बहुजन स्टूडेंट्स फ्रंट, मधिगा स्टूडेंट्स फेडरेशन, तेलंगाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने बड़ी भूमिका निभाई.

आयोजन में शामिल छात्रों का कहना था कि महात्मा गांधी ने खुद मनुस्मृति का सम्मान करके समाज के कुछ वर्गों के खिलाफ हिंसा की थी. ऐसे में उनके जन्म दिन को अहिंसा के प्रतीक के तौर पर याद किया जाना अनुचित है. छात्रों का तर्क था कि गांधी ने जातिवाद को बढ़ावा देने का काम किया है. अब छात्रों के इस आयोजन को लेकर कुछ गांधीवादी संगठनों ने विरोध शुरु कर दिया है.


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