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10 जनपथ से सोनिया के नेतृत्व में लूट

10 जनपथ से सोनिया के नेतृत्व में लूट

नई दिल्ली. 6 अक्टूबर 2012

रॉबर्ट वाड्रा


भाजपा ने कहा है कि 10 जनपथ जन-धन की लूट का अड्डा बना हुआ है और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इसका नेतृत्व कर रही हैं. इसकी जांच की जानी चाहिये. सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति तीन साल में 50 लाख से 300 करोड़ तक पहुंचने के मामले में भ्रष्टाचार का आरोप सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सोनिया गांधी पर कड़ा प्रहार किया है. हालांकि इन आरोपों से इंकार करते हुये रॉबर्ट वाड्रा की सास और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि रॉबर्ट वाड्रा एक कारोबारी हैं और उन्होंने कोई भी गड़बड़ी नहीं की है. रॉबर्ट वाड्रा के पक्ष में डीएलएफ ने भी सफाई दी है.

गौरतलब है कि समाजसेवी अरविंद केजरीवाल और अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी. तमाम दस्तावेजी सबूतों के साथ केजरीवाल और उनकी टीम ने आरोप लगाया कि रॉबर्ट वाड्रा ने 50 लाख की संपत्ति से केवल 3 साल में 300 करोड़ की संपत्ति बना ली.अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों में रॉबर्ट वाड्रा ने एक के बाद एक 31 संपत्तियां खरीदी हैं जिसमें से अधिकांश दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में हैं. इन संपत्तियों को खरीदने में वाड्रा को करोड़ो रुपए चुकाने पड़े हैं.

आरोपों के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां ने पांच कंपनियों का गठन 1 नवंबर 2007 के बाद किया. उन कंपनियों के बही-खातों और ऑडिट रिपोर्ट से पता चलता है कि इन कंपनियों की कुल शेयर पूंजी मात्र 50 लाख रुपए थी. इन कंपनियों के पास आय का एकमात्र वैध स्रोत था डीएलएफ द्वारा मिला ब्याज मुक्त कर्ज. इसके अलावा इन कंपनियों की आय का कोई वैध स्रोत नहीं है.फिर भी 2007 से 2010 के दौरान इन कंपनियों ने 300 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की जिसकी कीमत आज 500 करोड़ से ऊपर पहुंच चुकी है.

अब इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सोनिया गांधी पर हमला शुरु कर दिया है. भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि इस मामले में राज कौन खोल रहा है, ये अहम नहीं है. अहम ये है कि इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 10 जनपथ जन धन की लूट का अड्डा बना हुआ है और सोनिया गांधी इसका नेतृत्व कर रही हैं. उन्होंने न्यायिक देख-रेख में इसकी जांच की मांग की है.

इधर जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि इस मामले में सारे सबूत के साथ केजरीवाल की टीम को सीबीआई के पास जाना चाहिये और अगर वहां कुछ न हो तो मामला अदालत में ले जाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को एसपीजी की सुविधा मिल रही है, वे क्या कर रहे हैं, इसकी जांच तो होनी ही चाहिये.

दूसरी ओर इन आरोपों से इंकार करते हुये रॉबर्ट वाड्रा की सास और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि रॉबर्ट वाड्रा एक कारोबारी हैं और उन्होंने कोई भी गड़बड़ी नहीं की है. रॉबर्ट वाड्रा के पक्ष में डीएलएफ ने भी सफाई दी है कि उनके और रॉबर्ट वाड्रा के बीच के कारोबारी रिश्ते पूरी तरह से पारदर्शी हैं और इसमें नैतिकता का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है.


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