पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >राजस्थान Print | Share This  

छात्राओं से दुष्कर्म पर कुलपति भारी

छात्राओं से दुष्कर्म पर कुलपति भारी

टोंक. 6 अक्टूबर 2012

दुष्कर्म


वनस्थली विद्यापीठ में दो छात्राओं के साथ दुष्कर्म के आरोप के बाद शुरु हुआ आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपने पक्ष में भी कुछ छात्राओं को खड़ा करके मामले में लीपापोती की कोशिश की है लेकिन विरोध के स्वर थमने के नाम नहीं ले रहे हैं. आंदोलनरत छात्राओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले विश्वविद्यालय के कुलपति आदित्य शास्त्री का भी छात्राओं ने घेराव किया और उनकी कार के कांच तोड़ दिये. छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस को भी आक्रोश का सामना करना पड़ा. माना जा रहा है कि कुलपति इस मामले में बदनामी से बचने के लिये लीपापोती कर रहे हैं.

गौरतलब है कि महिलाओं के सबसे बड़े विश्वविद्यालय वनस्थली विद्यापीठ में मंगलवार को यह बात सामने आई कि 11वीं और बीटेक की दो छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय के ही कर्मचारियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था. कहा गया कि विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारी इस तरह के दुष्कर्म की घटनाओं में पहले भी लिप्त रहे हैं.

हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने शुरु से ही बिना जांच के मामले को दबाने की पुरजोर कोशिश की. लेकिन मोबाइल प्रतिबंध वाले इस विश्वविद्यालय से खबर किसी तरह बाहर आ गई. इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पीड़िता छात्रा और आरोपी को कमरे में बंद कर दिया. इसके बाद जब छात्राओं के आंदोलन ने ज़ोर पकड़ा तो मामले में पुलिस ने हस्तक्षेप किया और आरोपी को छुपाने वाली वार्डन ललिता और आरोपी ड्राइवर नेहरू उर्फ बजरंग को गिरफ्तार कर लिया.

इधर शुक्रवार को मौके पर पहुंची राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन, संभागीय आयुक्त किरण सोनी, कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल, आईजी अनिल पालीवाल ने माना की विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो पिछले दो दिनों से विश्वविद्यालय में चल रहे आंदोलन की नौबत नहीं आती.

इधर राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन ने घटना को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए संभाग के आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक से रिपोर्ट मांगी है. राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी दुष्कर्म की इस घटना पर पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट तलब की है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sanjay [] delhi - 2012-10-06 13:46:31

 
  इस पर प्रतिक्रिया करने या नहीं करने से कोई फर्क नहींप पड़ता, क्योंकि सरस्वती का मंदिर हमेशा बदनाम रहा है. आज फिर एक इज्जत की बलि इस मंदिर में चढ़ गई. इन लोगों को तो खुलेआम नंगा करके घुमाना चाहिए और फिर जनता के आसरे छोड़ देना चाहिए, वो इस बात का फैसला करे कि क्या करना है.  
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in