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वाड्रा पर कोई आरोप नहीं-चिदंबरम

वाड्रा पर कोई आरोप नहीं-चिदंबरम

नई दिल्ली. 8 अक्टूबर 2012

रॉबर्ट वाड्रा


सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बचाव में आते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि जब तक फायदे के लिए लेन-देन का विशिष्ट आरोप दायर नहीं किया जाता है तब तक सरकार किसी निजी सौदे की जांच नहीं कर सकती है. चिदंबरम ने वाड्रा का बचाव करते हुये कहा कि सरकार तब तक निजी सौदों की जांच नहीं कर सकती है जब तक किसी एक चीज़ के बदले दूसरी चीज़ के मिलने के खास आरोप न लगें.

गौरतलब है कि समाजसेवी अरविंद केजरीवाल और अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी. तमाम दस्तावेजी सबूतों के साथ केजरीवाल और उनकी टीम ने आरोप लगाया कि रॉबर्ट वाड्रा ने 50 लाख की संपत्ति से केवल 3 साल में 300 करोड़ की संपत्ति बना ली.अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों में रॉबर्ट वाड्रा ने एक के बाद एक 31 संपत्तियां खरीदी हैं जिसमें से अधिकांश दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में हैं. इन संपत्तियों को खरीदने में वाड्रा को करोड़ो रुपए चुकाने पड़े हैं.

आरोपों के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां ने पांच कंपनियों का गठन 1 नवंबर 2007 के बाद किया. उन कंपनियों के बही-खातों और ऑडिट रिपोर्ट से पता चलता है कि इन कंपनियों की कुल शेयर पूंजी मात्र 50 लाख रुपए थी. इन कंपनियों के पास आय का एकमात्र वैध स्रोत था डीएलएफ द्वारा मिला ब्याज मुक्त कर्ज. इसके अलावा इन कंपनियों की आय का कोई वैध स्रोत नहीं है.फिर भी 2007 से 2010 के दौरान इन कंपनियों ने 300 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की जिसकी कीमत आज 500 करोड़ से ऊपर पहुंच चुकी है.


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