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एनडीए के नेताओं की महारैली

एनडीए के नेताओं की महारैली

लुधियाना. 10 मई 2009

 

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के सभी प्रमुख नेताओं और भाजपा के प्रमुख नेतृत्व ने आज यहां महारैली आयोजित कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया.

इस रैली की प्रमुख बात यह रही कि इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और जनता दल (यू) के नेता नीतीश कुमार एक ही मंच पर मौजूद थे. इससे पहले वामदलों और कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी द्वारा नीतीश कुमार की प्रशंसा किए जाने से उनके चुनाव के बाद एनडीए से बाहर होने की अटकलें गर्म हो गई थीं.

इस रैली में आंध्र प्रदेश के दल तेलंगाना राष्ट्र समिति यानी टीआरएस के नेता के चंद्रशेखर राव भी मौजूद थे. उनका दल टीआरएस आज से एनडीए में शामिल हुआ. एनडीए के सभी प्रमुख नेताओं की एक ही मंच पर मौजूदगी को लालकृष्ण आडवाणी ने ऐतिहासिक करार दिया.

इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के कारण अफ़ज़ल गुरू की फाँसी टाल रही है. खालिस्तान आंदोलन के दौरान एक फैसले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उक्त मामले में तो कांग्रेस ने 15 मिनट में ही फैसला सुना दिया था पर आज वो अपने राजनीतिक फायदे के कारण अफजल गुरु की फांसी टाल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी देश की आंखों में धूल झोंक रहे हैं.

 

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि श्री सिंह को क्वात्रोच्चि की तो बहुत फिक्र है पर श्रीलंका में मारे जा रहे निर्दोष तमिल भाइयों की बिल्कुल नहीं है.

इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कहा कि बिहार में एनडीए को भारी सफलता मिलने जा रही है और मैं पंजाब में रह रहे बिहार के लोगों से अपील करता हूं कि वह एनडीए के उम्मीदवारों को वोट देकर देश में एक मजबूत सरकार लाएं.