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खुर्शीद इस्तीफा दें फिर जांच-केजरीवाल

खुर्शीद इस्तीफा दें फिर जांच-केजरीवाल

नई दिल्ली. 15 अक्टूबर 2012

अरविंद केजरीवाल


अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपने ट्रस्ट में 71 लाख रुपये के घोटाले को लेकर जो सफाई दी है, वह गुमराह करने वाला है. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि खुर्शीद ने महत्वपूर्ण सवालों के जवाब नहीं दिए और इधर-उधर की बातें करके प्रेस कॉन्फ्रेंस से चलते बने. पहले उन्हें इस्तीफा देना चाहिये, फिर जांच की बात की जानी चाहिए.

सलमान खुर्शीद के प्रेस कांफ्रेस के बाद केजरीवाल ने कहा कि जांच के नाम पर अभी सिर्फ लीपापोती की जा रही है. उन्होंने कहा कि कानून मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो तस्वीर दिखाई, वह 17 जुलाई 2010 की है. जबकि खुर्शीद के एनजीओ पर अप्रैल 2009 से लेकर मार्च 2010 के बीच घपलेबाजी करने का आरोप है.

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि खुर्शीद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस सख्स को पेश किया, उसके बयान बदलने से साफ है कि कानून मंत्री अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कुछ भी करा सकते हैं. जब तक सलमान खुर्शीद कानून मंत्री हैं, तब तक जांच निष्पक्ष रूप से हो ही नहीं सकती. अगर वह वाकई में जांच कराना चाहते हैं, तो पहले कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दें.

इधर अरविंद केजरीवाल ने सलमान खुर्शीद से पांच सवाल भी पूछे हैं, जिसका जवाब खुर्शीद ने नहीं दिया. अरविंद केजरीवाल ने सलमान खुर्शीद से पहला सवाल यह पूछा कि आपकी संस्था ने भारत सरकार को उत्तर प्रदेश सरकार का एक पत्र पेश किया था, जिसमें 2009-10 में आपकी संस्था के काम को संतुष्टिदायक बताते हुए आगे भी फंड देने की सिपफारिश की गई है. इस पत्र पर उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन विषेश सचिव रामराज सिंह के हस्ताक्षर हैं, लेकिन मीडिया में छपी रिपार्ट के मुताबिक रामराज सिंह का कहना है कि हस्ताक्षर उनके हैं ही नहीं. रामराज सिंह का यह भी कहना है कि यह पत्र 24 मार्च 2011 को लिखा दिखाया गया है, जबकि वह तो जनवरी 2011 में ही रिटायर हो गए थे. क्या आप मानते हैं कि आपकी संस्था ने रामराज सिंह का फर्जी पत्र दिखाकर अगले साल की ग्रांट लेने की कोशिश की थी?

अरविंद केजरीवाल ने दूसरा सवाल पूछा है कि आपकी संस्था ने उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व सीडीओ जे.बी. सिंह द्वारा लिखा एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया है, जिसमें जे. बी. सिंह आपकी संस्था के काम को अच्छा बता रहे हैं. जे. बी. सिंह का कहना है कि यह शपथ पत्र भी फर्जी है. उन्होंने ऐसा कोई शपथ पत्र दिया ही नहीं. क्या आप मानते हैं कि जे. बी. सिंह का यह शपथ पत्र फर्जी है? अगर हां, तो आपने फर्जी शपथ पत्रा क्यों लगाया?

अपने तीसरे सवाल में केजरीवाल ने जानना चाहा है कि अखिलेश यादव सरकार ने भारत सरकार को 12 जून 2012 को एक पत्र लिखा. इसमें आपके द्वारा भारत सरकार में प्रस्तुत कई रिपोर्ट्स पर, सरकारी अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही गई है. आपके मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार का यह पत्र सही है या फर्जी?

अरविंद केजरीवाल ने अपने चौंथे सवाल में पूछा है कि आपकी संस्था ने दावा किया है कि आपने कई जिलों में, अलग-अलग तारीख को विकलांग कैम्प लगाकर उन्हें सामान बंटा था. अखिलेश यादव सरकार की जांच के मुताबिक उन तारीखों में न तो कैम्प लगे और न ही सामान बांटा गया. क्या आप 12 जून 2012 के उत्तर प्रदेश सरकार के इस पत्र में लिखी बातों से सहमत हैं?

सलमान खुर्शीद से अरविंद केजरीवाल ने अपने पांचवें सवाल में जानना चाहा है कि आपकी संस्था की लाभार्थियों की सूची में ऐसे कई विकलांग हैं जिनका कहना है कि उन्हें तो आपसे कोई सामान नहीं मिला जबकि आपकी संस्था कहती है कि उन्हें सामान दिया गया. यदि उनमें से कुछ लाभार्थी सार्वजनिक तौर पर यह कहते हैं कि उन्हें सामान नहीं मिला, तो क्या आप कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देकर राजनीति से सन्यास ले लेंगे?


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