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लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण की मौत से इंकार

लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण की मौत से इंकार

नई दिल्ली. 18 मई 2009

 

श्रीलंका सरकार ने कहा है कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम यानी लिट्टे के मुखिया वेलुपिल्लई प्रभाकरण के मारे जाने की खबर केवल अफवाह है और कम से कम श्रीलंका सरकार को अब तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

ज्ञात रहे कि रविवार को यह खबर फैली थी कि प्रभाकरण का शव बरामद कर लिया गया है और शिनाख्त की पुष्टि के लिए शव को कोलंबो स्थित सेना के एक शिविर में ले जाया गया है. शव प्रभाकरण का है या नहीं इसकी पुष्टि के लिए शव का डीएनए टेस्ट किया जा रहा है.

श्रीलंका सरकार के प्रवक्ता लक्ष्मण हुलुगल्ले ने इस खबर को अफवाह बताते हुए कहा है कि सेना ने लगभग 150 शव बरामद किए हैं. हुलुगल्ले के अनुसार सेना ने  लिट्टे के अंतिम गढ पर कब्जा कर लिया है और लिट्टे के शीर्ष विद्रोहियों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली. ऐसा माना जा रहा है कि आत्महत्या करने वालों में लिट्टे के शीर्ष नेता स्वर्णम और शशि भी शामिल हैं.

श्रीलंकाई सेना ने लिट्टे का हमला नाकाम करते हुए उसके छह पोतों को तबाह करने और कम से कम 70 विद्रोहियों को भी मारने का दावा किया है.

उधर लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम ने सरकार के साथ संघर्ष में पराजय स्वीकार कर ली और एकतरफा संघर्ष विराम करने का ऐलान करते हुए लिट्टे समर्थक वेबसाइट तमिलनेट में संगठन के अंतर्राष्ट्रीय संबंध मामलों के प्रमुख सिल्वरास पद्मनाथन ने कहा है कि लडाई एक कटु अंत तक आ पहुंची है. हमने अपनी बंदूकें शांत करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि हमारे पास आखिरी विकल्प रह गया है ताकि दुश्मन के पास हमारे लोगों को मारने का बहाना नहीं रह जाये.


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