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ग्लोबल वार्मिग से बढ़ा रेगिस्तान

ग्लोबल वार्मिंग से बढ़ा समुद्री रेगिस्तान

न्यूयार्क. 5 मई, 2008

ग्लोबल वार्मिग‌ के कारण उष्णकटिबंधीय सागरों के भीतर के रेगिस्तान में पिछले पांच दशकों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जो समुद्री इको सिस्टम के लिए खतरे की घंटी है. गौरतलब है कि समुद्र के भीतर पानी की कम आक्सीजन वाली पर्तो को समुद्री रेगिस्तान कहा जाता है.

पर्यावरण संबंधी पत्रिका ‘नेचर’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कहा गया है कि समुद्र के ‘न्यूनतम आक्सीजन जोन’ में घुली हुई आक्सीजन की सघनता खासतौर पर कम होती है. ग्लोबल वार्मिग के कारण यह जोन ऊपर और नीचे दोनों दिशाओं में बढ़ रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार जलवायु के मॉडल बताते हैं कि मानवीय गतिविधियों के कारण समुद्री सतह के गर्म होने से विभिन्न सागरों के पानी के आपस में मिलने में बाधा आएगी, जिससे घुली हुई आक्सीजन पानी में समान रूप से वितरीत नहीं हो पाएगी. ताजा नतीजों से पता चला है कि यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. प्रयोग के दौरान जर्मन शोधकर्ताओं ने समुद्र में 300 से 700 मीटर गहराई में आक्सीजन का स्तर नापा.


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