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चक्रव्यूह के गाने पर बैन

चक्रव्यूह के गाने पर बैन

नई दिल्ली. 16 अक्टूबर 2012

चक्रव्यूह


प्रकाश झा की फिल्म चक्रव्यूह के एक गाने ‘बिड़ला हो या टाटा’ पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. बिड़ला की कानूनी नोटिस के बाद अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने बाटा कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुये चक्रव्यूह के निर्माता-निर्देशक को आदेश दिया है कि फैसला होने तक वे इस गाने को रिलीज नहीं करेंगे.

गौरतलब है कि प्रकाश झा की इस फिल्म के 'बिड़ला हो या टाटा, अंबानी हो या बाटा, सबने अपने चक्कर में देश को है बांटा, अरे हमारे ही खून से इनका इंजन चले धकाधक, आम आदमी की जेब हो गई है सफाचट..’ गीत को सेंसर बोर्ड ने मना कर दिया था लेकिन बाद में मामला तर्कों तक पहुंचा तो गाने को सेंसर बोर्ड ने हरी झंडी दिखा दी.

नक्सल आंदोलन को केंद्र में रख कर बनाई गई प्रकाश झा की फिल्म चक्रव्यूह 24 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है लेकिन जब फिल्म सेंसर बोर्ड के पास गई तो सेंसर बोर्ड ने टाटा-बिड़ला वाले गीत पर आपत्ति दर्ज करा दी. कहा गया कि इस गाने से टाटा-बिड़ला का नाम हटाया जाये. तर्क दिया गया कि ये नाम दो प्रमुख औद्योगिक घरानों के हैं और अगर आप इन्हें ‘हमारे ही खून से इनका इंजन चले धकाधक’ जैसी पंक्तियों से नवाजेंगे तो बवाल मच सकता है.

बाद में फिल्म को सेंसर बोर्ड की दूसरी कमेटियों के पास ले जाया गया. वहां भी प्रकाश झा को समझाने की कोशिश की गई लेकिन अंततः प्रकाश झा ने कहा कि इस गाने में इन दो नामों को केवल प्रतीकात्मक तौर पर इस्तेमाल किया गया है, तब कहीं जा कर सेंसर बोर्ड ने इस निर्देश के साथ गाने को हरी झंडी दिखाई कि वे इस गाने को लेकर एक घोषणा करेंगे कि इस गाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है.

लेकिन बिड़ला समूह ने प्रकाश झा के तर्कों को स्वीकार नहीं किया और उन्हें कानूनी नोटिस थमा दी और अब बाटा समूह ने तो बजाप्ता हाईकोर्ट में शरण ले ली है. अपनी याचिका में बाटा समूह का कहना था कि फिल्म के गाने 'महंगाई...' के बोल में उसके नाम का जिक्र किया गया है, जिसका ट्रेडमार्क और रजिस्टर्ड लोगो याचिकाकर्ता के पास हैं. इस फिल्म के गाने के बोल आपत्तिजनक हैं और इस वजह से उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान हो रहा है. ऐसे में इस गाने को रिलीज करने, वितरण या किसी भी तरह से इसे दिखाए और सुनाए जाने पर रोक लगाई जानी चाहिए. कोर्ट ने निर्माता-निर्देशक को आदेश दिया है कि वह फैसला होने तक गाने पर रोक लगाये रखें.


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