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शरद पवार और बेटी फंसे घोटाले में

शरद पवार और बेटी फंसे घोटाले में

मुंबई. 19 अक्टूबर 2012

शरद पवार


कृषि मंत्री शरद पवार और बेटी सुप्रिया सुले का लवासा परियोजना घोटाला में नाम आने के बाद माना जा रहा है कि उन्हें इस मामले में दिल्ली तलब किया जा सकता है. दूसरी ओर शरद पवार की पार्टी राकांपा इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है. इधर शरद पवार ने भी कहा है कि उन्होंने लवासा परियोजना से कोई बेजा लाभ नहीं उठाया है और इस तरह से बदनाम किये जाने को वे बर्दाश्त नहीं करेंगे.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के एक पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह ने केंद्रीय मंत्री शरद पवार और उनके करीबी रिश्तेदारों पर लवासा हिल सिटी परियोजना घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था. सिंह के अनुसार पवार ने एक निजी डेवलपर को लाभ पहुंचाने के लिये अनुचित तरीके अपनाये. सिंह के अनुसार पवार के भतीजे और पूर्व सिंचाई मंत्री अजित पवार ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के खिलाफ जा कर 2002 में महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास निगम की 141 हेक्टेयर जमीन लेक सिटी कॉरपोरेशन यानी लवासा कॉरपोरेशन को 30 साल के नवीकरणीय लीज पर दे दी. शरद पवार की बेटी और बारामती से लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले के पास कंपनी के 20.81 फीसदी शेयर थे. यह लीज मात्र 23 हजार रुपये के मासिक किराये पर दी गयी.

शरद पवार की बेटी सुप्रीया सुले पर सिंह ने आरोप लगाया 2008 में लवासा कॉरपोरेशन लिमिटेड में 250 करोड़ रुपए निवेश करने वाले ‘एक्सिस बैंक’ ने कंपनी का मूल्य 10,000 करोड़ रुपए आंका था. इस तरह 2006 में सुप्रीया सुले ने अपने 20.81 शेयर लवासा कॉरपोरेशन को बेच दिये. इस तरह सुप्रिया को इससे 250 करोड़ रुपये मिले. लेकिन लोकसभा चुनाव लड़ते वक्त सुप्रिया ने अपनी जो संपत्ति दर्शाई है, उसमें इसका उल्लेख तक नहीं है.

सिंह ने अरोप लगाया कि तत्कालीन राजस्व मंत्री नारायण राणे ने भी निहायत ईमानदार आईएएस अधिकारी रमेश कुमार के नजरिए से सहमति जताते हुए कहा था कि कुछ मामले में कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए लेकिन बाद में उन्होंने चुप्पी साध ली.


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