पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >खेल >समाज Print | Share This  

सचिन को पीएम बना दो-हेडन

सचिन को पीएम बना दो-हेडन

मेलबर्न. 19 अक्टूबर 2012

सचिन तेंदुलकर


भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया दिये जाने से नाराज ऑस्ट्रेलिया के बैट्समैन मैथ्यू हेडन ने कहा है कि सचिन तेंदुलकर अगर ऑस्ट्रेलिया में रहते हों तो उन्हें प्रधानमंत्री बना दिया जाये.

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने हाल की भारत यात्रा के दौरान सचिन तेंदुलकर को यह सम्मान देने की घोषणा की थी. इससे पहले भारत के अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी को भी यह सम्मान दिया जा चुका है. लेकिन सचिन तेंदुलकर को इस सम्मान दिये जाने की घोषणा के साथ ही ऑस्ट्रेलिया में विवाद शुरु हो गया है.

अब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने अपनी ही सरकार का विरोध करते हुये कहा कि सचिन इस सम्मान के हकदार नहीं हैं. इससे पहले फेडरल इंडिपेंडेंट सांसद रॉब ओकशॉट ने एक गैर ऑस्ट्रेलियाई को यह अवॉर्ड देने के गिलार्ड के फैसले पर नाराजगी जताई है. अब हेडन ने कहा कि यह सम्मान केवल आस्ट्रेलिया वासियों को ही दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी चीजें हैं, जो हमारे देशवासियों के लिए खास महत्व रखती हैं.

बात यहीं पर नहीं रुकी. सचिन को सम्मान दिये जाने से नाराज हेडन ने यह भी कहा कि यदि सचिन ऑस्ट्रेलिया में रहते तो फिर उन्हें प्रधानमंत्री बना दीजिए मुझे आपत्ति नहीं होती लेकिन सचाई यह है कि वह भारत में रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भी तेंदुलकर का बड़ा सम्मान है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं जो यहां काम कर रहे हैं, खुशी- खुशी जीवन बिता रहे हैं. हम सदभाव से रहते हैं और इससे पता चलता है कि हमारा देश कैसे बहु संस्कृति वाला है. लेकिन इसका आशय यह नहीं हो सकता कि ऑस्ट्रेलिया के लोगों को छोड़ कर यह सम्मान सचिन तेंदुलकर को दिया जाये.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in