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मोदी नहीं तो मेरा बयान क्यों-आसाराम बापू

मोदी नहीं तो मेरा बयान क्यों-आसाराम बापू

अहमदाबाद. 20 अक्टूबर 2012

आसाराम बापू


दो बच्चों की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कर रहे जस्टिस त्रिवेदी कमीशन को आसाराम बापू ने कहा है कि वह बयान लेने के लिये उनके साबरमती आश्रम में आयें. आसाराम बापू ने यह भी कहा है कि उनके आने-जाने, रहने-खाने का सारा खर्च वह वहन करने के लिये तैयार हैं. आसाराम बापू ने कहा है कि नरेंद्र मोदी को तो नानावटी जांच आयोग ने बयान लेने के लिये नहीं बुलाया, फिर मुझे केवल आरोप के आधार पर बुलाना बेतुका है.

आसाराम बापू के इस बयान पर पीड़ित पक्ष ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुये कहा है कि आसाराम बापू कमीशन को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं.

गौरतलब है कि चार साल पहले आसाराम बापू के आश्रम में पढ़ने वाले दो बच्चों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. जुलाई 2008 में दीपेश और अभिषेक नाम के दो बच्चों की संदिग्ध मौत के बाद मामले की जांच के लिए गुजरात सरकार ने त्रिवेदी कमीशन बनाया था. जांच के लिये जस्टिस डी के त्रिवेदी की ओर से आसाराम बापू को कई बार समन भेजा गया लेकिन वे अपना बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे. अब जा कर आसाराम बापू ने अपने वकील के माध्यम से कमीशन को अपना आवेदन दिया है.

अपने पत्र में आसाराम बापू ने कहा है कि नानावटी आयोग ने भी केवल आरोप के आधार पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बयान के लिये नहीं बुलाया था. ऐसे में मेरे ऊपर भी तो केवल आरोप ही हैं. मुझे इस तरह बयान के लिये बुलाना बेतुका है.

अपने आवेदन में आसाराम बापू ने लिखा है कि त्रिवेदी कमीशन के लिये अगर उनका बयान इतना ही जरूरी है तो इसके लिए या तो कमीशन का कोई प्रतिनिधि नियुक्त कर दिए जाए या फिर कमीशन के चेयरमैन यानी जस्टिस डी के त्रिवेदी खुद साबरमती में उनके आश्रम में आ जाएं या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनका बयान ले लें. इसके लिये जो भी खर्च होगा, उनका आश्रम वहन करने के लिये तैयार है.

आसाराम बापू ने तर्क दिया है कि वे अगर कमीशन के सामने पेश होंगे तो उनके हजारों समर्थक भी वहां पहुंचेंगे. अगर किसी ने शरारतन कोई हिंसक काम किया तो इसका इल्जाम उनके उपर लगेगा. आसाराम बापू ने पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुये सुरक्षा कारणों को आधार बनाया है.


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