पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

जयराम की छींटाकशी पर भड़की ममता

जयराम की छींटाकशी पर भड़की ममता

नई दिल्ली. 20 अक्टूबर 2012

जयराम रमेश


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का व्यंग्य वाण इतना चुभा कि उन्होंने इसे सार्वजनिक करते हुये कहा है कि इस तरह की छींटाकशी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री का एक मुख्यमंत्री को भेजे औपचारिक पत्र में इस तरह से राजनीतिक टिप्पणी किया जाना दुखद है.

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने मनरेगा योजना के तहत पिछले कुछ समय में पश्चिम बंगाल को केंद्र द्वारा किये गये आवंटन का ब्यौरा भेजा है. इस पत्र में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि केंद्र ने किताना अधिक पैसा ममता बनर्जी सरकार को मनरेगा के मद में दिया है.

पत्र में जयराम रमेश ने लिखा है कि केंद्र सरकार ने 2012-13 में मनरेगा पर अमल के लिए पश्चिम बंगाल को दी जाने वाली राशि की चौथी किश्त (601.2 करोड़ रुपए) जारी कर दी गई है. इससे पहले 1054 करोड़ (11-4-2012), 500 करोड़ (29-6-2012) और 500 करोड़ रु. (7-8-2012) की तीन किश्तें जारी की जा चुकी हैं. चारों किश्तों को मिलाकर पश्चिम बंगाल को मनरेगा में इस साल 2655.2 करोड़ रुपए मिल चुके हैं. पिछले साल यानी 2011-12 में राज्य को इस मद में कुल 2597 करोड़ रुपए मिले थे.

यह सब लिखने के बाद जयराम रमेश ने ममता बनर्जी को तिलमिलाने वाला व्यंग्य करते हुये लिखा है कि-इससे पता चलता है कि दिल्ली की तथाकथित 'ब्रेन डेड सरकार' आज भी पश्चिम बंगाल के लोगों की जरूरतों को लेकर कितनी संवेदनशील बनी हुई है.

ममता बनर्जी का कहना है कि किसी राज्य की चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री को केंद्र का मंत्री अपने औपचारिक पत्र में इस तरह की राजनीतिक टिप्पणी करता है तो यह केंद्र की राज्य के प्रति रुख को बताता है. ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर पत्र को फेसबुक पर सार्वजनिक करते हुये आम जनता से राय मांगी है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in