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राष्ट्रपिता नहीं है महात्मा गांधी

राष्ट्रपिता नहीं है महात्मा गांधी

नई दिल्ली. 26 अक्टूबर 2012


गृह मंत्रालय के अनुसार महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि इसीलिए नहीं दी जा सकती क्योंकि भारतीय संविधान में शैक्षणिक अथवा सैन्य उपाधियों के अलावा अन्य कोई उपाधि देने की इजाजत नहीं है. दरअसल लखनऊ की सातवीं कक्षा की एक छात्रा ऐश्वर्या पराशर ने सूचना के अधिकार के तहत गृह मंत्रालय से ये जानकारी मांगी थी कि क्यों महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा जाता है. इसके जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा था कि भारत में आधिकारिक रूप से महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि नहीं दी गई है.
 
इसके बाद ऐश्वर्या पराशर ने तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर महात्मा गांधी को आधिकारिक रूप से राष्ट्रपिता घोषित किए जाने के संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने का अनुरोध किया था. इसके बाद यह मामला गृह मंत्रालय को सौंप दिया गया.

ऐश्वर्या द्वारा अपनी मांग की स्थिति के बारे में फिर सूचना के अधिकार के तहत निवेदन किए जाने पर अब गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संविधान की धारा 8(1) के अनुसार शैक्षणिक अथवा सैन्य उपाधियों के अलावा अन्य कोई उपाधि देने की इजाजत नहीं है. उल्लेखनीय है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सबसे पहले 6 जुलाई 1944 को सिंगापुर रेडियो पर अपने संबोधन में महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि दी थी.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Rajiv [pikkybabu@gmail.com] Giridih, Jharkhand - 2012-10-26 18:56:01

 
  राष्ट्रपिता के लिए अधिसूचना की कोई जरूरत नहीं. राष्ट्रपिता तो अधिसूचित हैं हम सभी भारतीयों के दिलोदिमाग में. 
   
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