पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > अंतरराष्ट्रीय Print | Send to Friend | Share This 

नस्लीय हिंसा के खिलाफ छात्रों का शांति मार्च

नस्लीय हिंसा के खिलाफ छात्रों का शांति मार्च

मेलबर्न. 31 मई 2009

 

आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों के खिलाफ लगातार हो रही नस्लीय हिंसा के विरोधस्वरूप हजारों छात्रों ने आज शांति मार्च रैली का आयोजन किया. फेडरेशन आफ इंडियन स्टूडेंट इन आस्ट्रेलिया [एफआईएसए] और नेशनल यूनियन आफ स्टूडेंट्स जैसे संगठनों के तत्वाधान में इस रैली का आयोजन किया गया.

यह रैली रायल मेलबर्न अस्पताल के बाहर से शुरु हुई. इसी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में नस्लीय हिंसा का शिकार श्रवण कुमार नामक एक भारतीय छात्र भरती है. मार्च अस्पताल से शुरु होकर विक्टोरिया सांसद तक गया. इस रैली में भारतीय छात्रों के अलावा कई आस्ट्रेलियाई छात्रों और बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया.

विक्टोरिया संसद पहुँच कर प्रदर्शनकारी छात्रों ने 'भारत माता की जय' जैसे नारे लगाए. वह अपने हाथ में 'हमारे विद्यार्थियों को बचाओ' और 'नस्लीय हिंसा रोको' लिखी हुई तख्तियां लिए हुए थे. इन छात्रों की मांग की कि नस्ली हिंसा के शिकार छात्रों के लिए न्याय मिले और आस्ट्रेलियाई सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी ले.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in