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विदेशी से गैंगरेप के आरोपी अब तक फरार

विदेशी से गैंगरेप के आरोपी अब तक फरार

नई दिल्ली. 31 अक्टूबर 2012

गैंगरेप


भारतीय मूल की विदेशी लड़की से गैंगरेप के दो आरोपियों को पुलिस ने जल्दी ही गिरफ्तारी कर लेने का दावा किया है. पुलिस का कहना है कि उत्तरप्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों में भी गैंगरेप के आरोपियों की तलाश चल रही है. इधर पुलिस के दावे से अलग जो कहानी सामने आई है, उससे पता चला है कि लड़की के सारे आरोप झूठे हैं और पुलिस जिन लोगों की गिरफ्तारी का दावा कर अपनी पीठ थपथपा रही थी, उससे उत्तरप्रदेश पुलिस की मूर्खता सामने आ गई है. सारा मामला एक टीवी सीरियल के विज्ञापन का है.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र से भारतीय मूल की एक विदेशी लड़की को बरामद किया गया है. लड़की का कहना है कि वह लंदन से यहां घुमने आई हुई थी, जहां उसके ड्रायवर ने उसे नशे की गोलियां खिलायी और दो साथियों के साथ गैंगरेप किया. पुलिस का कहना था कि 10 अक्तूबर को लंदन से चली थी और मुंबई होते हुए 15 अक्तूबर को दिल्ली पहुंची. उसका ड्राइवर मुकेश त्यागी उसे खाना खिलाने के बहाने अपने घर ले गया. वहा खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. जब वह बेहोश हो गई तो उसे कैद करके ड्राइवर अपने साथियों के साथ उसका गैंगरेप करता रहा.

अब जा कर पता चला है कि एक टीवी चैनल के सीरियल की एक लड़की गौरी भोंसले को लापता कहकर प्रचारित किया जा रहा था. यह उस सीरियल का विज्ञापन था और कहा गया था कि गौरी भोंसले नामक लड़की को बरामद करने पर एक करोड़ रुपये का विज्ञापन दिया जाएगा.

इस विज्ञापन को देख कर सहारनपुर की एक लड़की ने पूरी फर्जी कहानी गढ़ी. मूल रुप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली इस लड़की के बारे में बताया जाता है कि उसे सहारनपुर में 70 हजार रुपये में बेच दिया गया था. जिन लोगों ने उसे खरीदा था, उनके चंगुल से बचने के लिये उसने इस विज्ञापन को देख कर पुलिस को सूचना दी और खुद को गौरी भोंसले बता दिया. पुलिस ने भी आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेस की और बिना कथित गौरी भोंसले के पासपोर्ट या पूरी कहानी की हकीकत जाने बगैर अपनी पीठ थपथपा ली. आईजी ने भी बधाई दे दी.

मामला जब जांच में पहुंचा तो पता चला कि जिस लंदन की कथित गौरी भोंसले के लापता होने का विज्ञापन टीवी पर चल रहा है, वह असल में टीवी सीरियल का विज्ञापन है और ऐसी कोई गौरी भोंसले लापता नहीं हुई है. अब तक मूर्खता करती रही उत्तरप्रदेश की पुलिस ने जब मामले की जांच शुरु की तो पता चला कि जिस मामले को लेकर पुलिस वाहवाही लूट रही थी, वह पूरा मामला फर्जी है.

फिलहाल पुलिस का कहना है कि वह पूरे मामले की जांच कर रही है और जो भी बात होगी, वह साफ हो जाएगी. हालांकि पुलिस का कहना है कि लड़की द्वारा 70 हजार रुपये में बेचे जाने की बात भी सच है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.