पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > अंतराष्ट्रीय Print | Send to Friend 

पाक में सिखों ने सरकार से हक मांगा

पाकिस्तान में सिखों ने मांगा अधिकार

इस्लामाबाद. 5 मई, 2008

पाकिस्तान के अल्पसंख्यक सिखों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई है. उन्होंने अपनी राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सरकार में प्रतिनिधित्व की मांग की है.

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार स्वर्ण सिंह का कहना है कि या तो सिखों को सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाए या फिर किसी एक सिख को प्रधानमंत्री का सलाहकार नियुक्त कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सलाहकार पद पर नियुक्त किए गए हमारे प्रतिनिधि को चाहिए कि वह अन्य देशों में रह रहे सिखों को पाकिस्तान में निवेश के लिए प्रेरित करे.

बकौल सिंह पाकिस्तान सरकार में ईसाई और हिंदुओं की भागीदारी है लेकिन सिखों को राष्ट्रीय और प्रांतीय सरकारों में नुमाइंदगी से वंचित रहना पड़ रहा है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान में रह रहे 12 हजार सिखों को कई तरह की राजनीतिक और सामाजिक समस्याएं झेलनी पड़ती है. अपनी तकलीफों का जिक्र करते हुए सिंह कहते हैं कि उच्च शिक्षा आयोग में सिखों के लिए कोई छात्रवृत्ति का प्रांवधान न होने के कारण कई सिख युवाओं को उच्च शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है. ईसाई और हिंदुओं की विधवाओं को पांच हजार रुपये की मासिक सहायता भी जाती है पर सिख विधवाओं के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है.


[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in